बचपन में झेली आर्थिक तंगी, जेबरा क्रॉसिंग और फिल्म पोस्टर्स पेंट का किया काम
नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर दुनिया को अलविदा कह गए। उन्होंने 75 साल की उम्र में गोवा में अपने घर में अंतिम सांस ली। क्रांतिवीर से लेकर तिरंगा जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी और एक बेटा है साथ ही गोवा-मुंबई में घर, खेती योग्य जमीन समेत करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को मुंबई में हुआ था। नाना का बचपन तंगहाली में गुजरा था। उनके पिता दिनकर पाटेकर टेक्सटाइल पेंटर बिजनेस से जुड़े हुए थे। रिपोर्ट्स की मानें तो पारिवारिक बिजनेस बंद होने के बाद नाना पाटेकर ने खुद जेबरा क्रॉसिंग और फिल्म पोस्टर्स पेंट करने का काम किया था, लेकिन अपने बचपन में आर्थिक तंगी देखने वाले नाना पाटेकर ने हार नहीं मानीं और अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर बॉलीवुड में एंट्री लेकर अलग पहचान बनाई। ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘वेलकम, ‘अब तक छप्पन’, ‘गुलाम ए मुस्तफा’ जैसी फिल्मों से उन्होंने बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई।
करीब चार दशक तक बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहे नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी नीलकंती पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर के लिए करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनकी अनुमानित नेटवर्थ 80 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो सादा जीवन जीने वाले दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के पास गोवा में फ्लैट के अलावा पुणे लॉ कॉलेज रोड पर एक घर था। इसके अलावा उनके पास मुंबई में एक वन बीएचके भी बताया जाता है। पुणे के नजदीक खड़कवासला जिले के गांव में एक उनका फार्महाउस है और अभिनेता अपना ज्यादातर समय इस 27 एकड़ के फार्महाउस में ही बिताते थे। यहां गेहूं और धान की फसलें भी उपजाते थे। खास बात ये है कि वे खेती से होने वाली कमाई को किसानों में बांटते थे।
नाना पाटेकर किसानों के लिए बहुत कुछ करते थे। उन्होंने साल 2015 में नाम फाउंडेशन की शुरुआत की थी। यह एक पंजीकृत एनजीओ है, जिसका मुख्यालय पुणे में है। इसके जरिए वे महाराष्ट्र में गंभीर सूखे, पानी की कमी और कर्ज या तंगी के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों और जरूरतमंद ग्रामीणों की मदद करते थे। गरीब किसानों की बेटियों की शादी में भी वे आर्थिक योगदान देते थे।


