संताल एक्सप्रेस संवाददाता
पाकुड़। रेलवे को करोड़ों रुपया राजस्व देने वाले पाकुड़ का अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्थर कारोबारी ओनर एसोसिएशन के बैनर तले पाकुड़ पत्थर व्यवसायियों ने शुक्रवार को रेलवे में पत्थर की लोडिंग पूरी तरह ठप कर दिया। झामुमो के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने हाल ही में पाकुड़ के पत्थर व्यवसायियों के साथ एक बैठक कर स्पष्ट किया था कि पाकुड़ यात्री को यदि ट्रेन सुविधाएं प्रदान नहीं की जाती है, तो पत्थर की लोडिंग पूरी तरह बाधित कर दी जाएगी। जो शुक्रवार को प्रभावी हो गया ।व्यवसायियों ने मांग की है कि कोविड-19 महामारी के दौरान बंद की गई कई ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हो। पाकुड़ मार्ग से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव हो। पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान हो। पत्थर व्यवसायियों द्वारा रेलवे लोडिंग बंद करने से रेलवे को प्रतिदिन लगभग दो करोड़ तथा राज्य सरकार को भी प्रतिदिन 40 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।इसके अलावा हजारों मजदूर प्रभावित होंगे। शुक्रवार को पाकुड़ जिले के अपर साइडिंग, लोअर साइडिंग, बाहरग्राम और तिलभिट्टा रेलवे साइडिंग में कई रेलवे रैक खाली खड़े देखे गए।पत्थर व्यवसायी गोपी बत्रा ने बताया कि वे रेलवे को करोड़ों रुपए का राजस्व देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिलता। उ पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेनें नहीं हैं और कई लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनें भी बंद कर दी गई हैं। गोपी बत्रा ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे रेलवे रैक में पत्थर की लोडिंग नहीं करेंगे। बताया गया कि पाकुड़ से होकर प्रतिदिन पत्थर से लदा 6 रेलवे रेक जाती है। किंतु पाकुड़ को ट्रेन देना तो बहुत दूर, जो चलती थी उसे भी बंद कर दिया। हम खड़े रह जाते हैं और हमारे सामने से सीटी बजाकर ट्रेन गुजर जाती है। बहरी हावड़ा डिविजन को जब तक कान में गूंज नहीं सुनाई देगी यह आंदोलन जारी रहेगी। केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने कहा की पाकुड़ और साहिबगंज के साथ सौतेला व्यवहार नहीं चलेगा यदि ट्रेनों की सुविधा नहीं दी जाती है तो आने वाले दिनों में कोयला भी बंद कर दिया जाएगा।
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