जमशेदपुर। झारखंड ग्रास रुट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम जिसे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा झारखंड विज्ञान प्रावैधिकी एवं नवाचार परिषद द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रारंभ किया गया था। उसके तहत समाजशास्त्र विभाग,एबीएम काॅलेज जमशेदपुर के टीम वन के द्वारा आज सीसुनगरीया दक्षिण पंचायत में नाॅलेज शेयरिंग सेशन का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह फेकल्टी मेंटर डाॅ संजय कुमार झा के निर्देशन में चयनित नेहा प्रवीण,निधि कुमारी, मीनाक्षी कुमारी तथा महेंद्र पाल सिंह के द्वारा लोको पायलट काॅलनी में संपन्न किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एबीएम काॅलेज के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंड सुमित कुमार, मेंटर आफ मेंटर्स ऋषभ साहू, फेकल्टी मेंटर डाॅ०एस०के०झा,पूर्व पंचायत समिति सदस्य बबीता अग्रवाल, मुखिया काजल हांसदा, पंचायत सचिव मोमिता पाल तथा नवाचार से संबंधित जानकारी प्रदान करने वालों के अलावा सैकड़ों गणमान्य ग्रामीणों की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम को दीप प्रज्ज्वलित करके आरंभ किया गया।
झारखंड ग्रास रुट इनोवेशन इंटर्नशिप पर विद्यार्थियों के द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। मीनाक्षी कुमारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया जबकि विस्तृत प्रतिवेदन के संबंध में टीम लीडर नेहा प्रवीण ने पढ़ कर सुनाया ।एबीएम काॅलेज के प्राचार्य डॉ०नरेश कुमार ने 1 जून से 23 जुलाई तक विद्यार्थियों के द्वारा क्षेत्र भ्रमण करने के बाद वैज्ञानिक विधि से किये गये अध्ययन यथा अवलोकन, साक्षात्कार, अनुसूची प्रपत्र के माध्यम से आंकड़ों के संकलन व विश्लेषण के बाद निष्कर्ष को जिस तरह से ग्रामीणों के समक्ष रखने एवं वनोत्पाद में नवाचार तथा औषधीय पौधों के उपयोग को नवाचार के रुप में जिस प्रकार से रखा गया उसके लिये उन्होंने सभी विद्यार्थियों तथा समाजशास्त्र विभाग की काफी सराहना की। प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित कुमार ने स्नातक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा वैज्ञानिक विधि से किये गये अध्ययन और प्रतिवेदन को राज्य तथा समाज के लिए काफी उपयोगी माना। मेंटर आफ मेंटर्स ऋषभ साहू ने इस स्कीम पर विस्तार से चर्चा किया और एबीएम काॅलेज के समाजशास्त्र विभाग, सर्वेक्षण निदेशक तथा इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों के प्रयास को काफी सराहनीय प्रयास बतलाया।
पूर्व पंचायत समिति बबीता अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थीयों के द्वारा किया गया अध्ययन हमारे गांव के लिए काफी बहुमूल्य साबित होगा। मुखिया श्रीमती काजल हांसदा ने इंटर्नशिप करने वाले सभी विद्यार्थियों को हर मोड़ पर सहयोग किया और इस प्रकार के अध्ययन की भूरि भूरि प्रशंसा की। फेकल्टी मेंटर सह समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ ० संजय कुमार झा ने सुसीनगरिया पंचायत की परंपरागत संस्कृति,इतिहास, सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों, तथा नवाचार के रुप में पौधों का औषधीय प्रयोग,जल को संरक्षित करने के नये उपाय ,कूलर बनाने के तरीके, पंरपरागत भोजन, वयोवृद्ध लोगों के अनुभवों पर विस्तार से बतलाया। राजकुमार यादव द्वारा बनाए जा रहे पेरा और उससे होने वाले आर्थिक लाभ के तरीके पर भी प्रकाश डाला तथा 11 स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान के उदाहरण दिए। इनमें सौर पंप आधारित ग्रेविटी ड्रिप सिंचाई, जामुन से मूल्यवर्धित उत्पाद, नीम आधारित जैविक कीटनाशक, पारंपरिक औषधीय पौधे, हस्तनिर्मित शिल्प, पारंपरिक पौष्टिक भोजन, मौसम के पारंपरिक संकेत, सामुदायिक संसाधनों का प्रबंधन तथा कम लागत वाला स्थानीय एयर कूलर जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए।अंत में महेंद्र पाल सिंह के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।


