रांची । झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र छह अगस्त से शुरू होने जा रहा है।सात दिनों के इस संक्षिप्त सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिलेगी।इस बार जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितता व नियोजन के मुद्दों को लेकर विपक्ष, सत्ता पक्ष को चौतरफा घेरने की रणनीति बना चुका है।युवाओं और रोजगार से जुड़े इन संवेदनशील विषयों पर विपक्ष सदन में बेहद मुखर रहेगा।दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी विपक्ष के हर वार का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।जेपीएससी के मुद्दे पर सरकार नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को अपना मुख्य हथियार बनाकर भाजपा पर पलटवार करने की तैयारी में है।सदन के भीतर अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने के लिए पांच अगस्त को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठकें बुलायी हैं।प्रदेश भाजपा कार्यालय में होने वाली इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पार्टी के सभी विधायक शामिल होंगे।इसमें सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने का खाका तैयार किया जायेगा।
वहीं सत्तारुढ़ दल के विधायकों की बैठक एटीआई सभागार में शाम चार बजे से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होगी।इसमें झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक शामिल होकर विपक्ष के आरोपों का ठोस और एकजुटता से जवाब देने की रणनीति बनायेंगे।इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक अलग से होगी।छह से 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण वास्तविक रूप से केवल पांच कार्यदिवस ही उपलब्ध होंगे। इन्हीं पांच दिनों में जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा होगी। सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) का पहला अनुपूरक बजट सात अगस्त को सदन के पटल पर रखा जायेगा।छह अगस्त को नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण, अध्यादेश (यदि हो तो) और शोक प्रकाश,सात अगस्त को प्रश्नकाल एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट का उपस्थापन,आठ व नौ अगस्त को शनिवार एवं रविवार का साप्ताहिक अवकाश,10 अगस्त को प्रश्नकाल, प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान,
11 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य और 12 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य और गैर-सरकारी संकल्प होगा।


