सरैयाहाट। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा बालू खनन एवं उठाव पर रोक लगाए जाने के बावजूद सरैयाहाट प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू का उठाव धड़ल्ले से जारी है। बालू माफिया प्रशासनिक कार्रवाई के भय से बेपरवाह होकर दिन-रात नदी घाटों से बालू निकाल रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रखंड के विभिन्न नदी घाटों पर सुबह से देर शाम तक ट्रैक्टरों की आवाजाही लगी रहती है। नदी से निकाले गए बालू की आपूर्ति क्षेत्र के विभिन्न निर्माण कार्यों में की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की जानकारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण बालू कारोबारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अवैध बालू उठाव के कारण कई नदी घाटों का स्वरूप बदलने लगा है। नदी किनारों पर कटाव का खतरा बढ़ गया है, वहीं भारी वाहनों के लगातार परिचालन से ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है। बरसात के मौसम में नदी तटों से बालू निकासी को लेकर स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने, नियमित छापेमारी अभियान चलाने तथा इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इधर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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