संताल एक्सप्रेस संवाददाता
बरहरवा – नगर पंचायत बरहरवा की साफ-सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. स्वच्छता को लेकर प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सूचना देने के बाद भी सफाई नहीं होना नगर पंचायत की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है. जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.
ताजा मामला नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-14 के लबदा गांव का है. यहां लगभग चार-पांच दिन पूर्व एक आवारा कुत्ता की मौत हो गई. जिसका शव गांव के चापाकल के समीप पड़ा हुआ है. चापाकल ग्रामीणों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है. ऐसे में शव का वहां पड़े रहना स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद चिंताजनक है.
स्थानीय लोगों द्वारा इस गंभीर समस्या की जानकारी नगर पंचायत के सफाई मैनेजमेंट मैनेजर को समय रहते दी गई थी.इसके बावजूद अब तक मृत पशु को नहीं उठाया गया. कई दिनों से शव सड़ने के कारण पूरे इलाके में भीषण बदबू और दुर्गंध फैल चुकी है. जिससे ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गंध के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं शव के पास मच्छरों और मक्खियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका और भी प्रबल हो गई है.लोगों को डर सता रहा है कि कहीं यह लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म न दे दे.स्थानीय लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों और बैठकों तक सीमित रह गई है. जबकि वास्तविक समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. समय पर कार्रवाई होती तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती.
यह घटना नगर पंचायत बरहरवा की लचर सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है. अब लोगों की मांग है कि तत्काल मृत पशु को हटाकर पूरे क्षेत्र में सैनिटाइज कराया जाए. साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.
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