नई दिल्ली । देश के अग्रणी उद्योग समूह टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने आज घोषणा की कि वह अपने वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होने पर पुनर्नियुक्ति के लिए अपना नाम प्रस्तुत नहीं करेंगे। उन्होंने बोर्ड से शीघ्र उनका उत्तराधिकारी चुनने का अनुरोध किया है। आयु में 63 वर्ष के हो चुके चंद्रशेखरन ने बुधवार को अपने वक्तव्य में कहा कि टाटा समूह में उनके पेशेवर जीवन के 40 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देना उनके लिए अत्यंत संतोषजनक रहा है। पिछले एक दशक से टाटा संस का नेतृत्व करना उनके लिए बड़ा सम्मान और गहरी जिम्मेदारी रही है।
चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनका अगला कार्यकाल पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की सिफारिश की थी। यह प्रस्ताव टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और बोर्ड ने अनुशंसित किया था। हालांकि, 24 फरवरी को बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मत समर्थन न मिलने के कारण उन्होंने निर्णय को स्थगित करने का विकल्प चुना।
उन्होंने कहा कि छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं हो सका है, जबकि टाटा संस कई रणनीतिक परियोजनाओं के महत्वपूर्ण कार्यान्वयन चरण में है। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद समूह का नेतृत्व करने के लिए स्पष्टता आवश्यक है। चंद्रशेखरन ने बोर्ड से अनुरोध किया है कि वह उचित संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र उत्तराधिकार पर निर्णय ले। उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में सभी हितधारकों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। इससे पहले वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) रहे, जहां उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक आईटी सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक विस्तार और रणनीतिक निवेशों पर विशेष ध्यान दिया। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया, इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाया तथा समूह की कंपनियों को नई तकनीकी दिशा दी। उन्हें टाटा समूह के आधुनिकरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने का श्रेय दिया जाता है।


