कोलकाता । पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मंगलवार देर रात पुलिस ने पत्थर कारोबारी टुलु मंडल के एक रिश्तेदार के घर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलने की सूचना के बाद सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मंगलवार देर रात टुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल के घर को चारों ओर से घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। बुधवार सुबह तक भी तलाशी जारी रही। सूत्रों के अनुसार, घर में नोटों के बंडल बड़ी संख्या में मिले, जिन्हें गिनने के लिए पांच नोट गिनने की मशीनें मंगाई गईं। बरामद नकदी को ले जाने के लिए दो बड़े ट्रंक भी मौके पर पहुंचाए गए।
सूत्रों का दावा है कि तलाशी के दौरान करीब 30 से 32 करोड़ रुपये नकद और 8 से 10 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही बरामदगी के संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मीनार मंडल पेशे से सरकारी बस चालक हैं। इसके साथ ही वह पत्थर कारोबार से भी जुड़े हुए हैं और टुलु मंडल की कई पत्थर खदानों के संचालन में उनकी भूमिका बताई जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया तथा उसकी आय का स्रोत क्या है, इसकी जांच की जा रही है।
टुलु मंडल बीरभूम में पत्थर कारोबार से जुड़ा चर्चित नाम है। उन्हें कभी तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता था। उन पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं और वर्ष 2022 में पशु तस्करी मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके घर और कार्यालय पर भी छापेमारी की थी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। सैंथिया से भाजपा विधायक कृष्णकांत साहा ने कहा कि यदि यह धन भ्रष्टाचार से जुड़ा है तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरामद धन का उपयोग जनता के हित में किया जाना चाहिए।


