दुमका नगर परिषद के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अजय कुमार झा उर्फ मिकी झा निवर्तमान नप अध्यक्ष श्वेता झा के पति हैं।श्वेता झा 2018 का नगर निकाय चुनाव निर्दलीय लड़ते हुए तत्कालीन नप अध्यक्ष और भाजपा प्रत्याशी अमिता रक्षित को हरा कर अध्यक्ष निर्वाचित हुईं थीं।2026 के चुनाव में श्वेता झा खुद चुनाव मैदान में नहीं हैं,उनके पति अजय कुमार झा प्रत्याशी हैं।प्रस्तुत है अजय कुमार झा उर्फ मिकी झा से हमारे संताल परगना ब्यूरो प्रभारी सुमन सिंह की बातचीत के प्रमुख अंश-
◆सवाल:चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है।जनता का कितना रिस्पॉन्स मिल रहा है?
अजय कुमार झा : दुमका की जनता का मुझे बहुत स्नेह मिल रहा है।सभी 21 वार्ड में मैं डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहा हूं।हर वार्ड की जनता मुझे समर्थन दे रही है।
◆सवाल:दुमका की जनता आपको क्यों वोट देगी?
अजय कुमार झा : मेरी पत्नी श्वेता झा 2018 से 2023 तक 5 साल तक दुमका नगर परिषद की अध्यक्ष रहीं।उनके कार्यकाल में दुमका शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए।तीन बड़े तालाबों का जीर्णोद्धार, मैलगढ़ा से कूड़ा डंपिंग हटाने के लिए शहर से 8 किमी की दूरी पर जमीन क्रय हुआ।विजयपुर में मुक्तिधाम बना।कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई गई।163 किफायती फ्लैट बनाए गए।जिम निर्माण सहित कई बड़े काम हुए।इससे जनता खुश है।मैं खुद लोगों के सुख-दुख में शरीक रहता हूं।इसलिये लोग वोट देंगे।
◆सवाल:पिछला चुनाव आपकी पत्नी निर्दलीय जीती थीं।इस चुनाव में भी आप बिना किसी दलीय समर्थन के लड़ रहे हैं जबकि भाजपा ने अमिता रक्षित को समर्थन दिया है।ऐसे में आप अपनी जीत के प्रति कितना आश्वस्त हैं?
अजय कुमार झा : किसी दल का समर्थन नहीं लेने की वजह से मुझे रसिकपुर वार्ड नंबर 1 से डंगालपाड़ा तक सभी 21 वार्ड में सभी वर्ग के लोगों का भरपूर स्नेह और समर्थन मिल रहा है।लोग पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर मुझे सपोर्ट कर रहे हैं।
◆सवाल:निवर्तमान नप अध्यक्ष श्वेता झा के पति होने का चुनाव में आपको कितना लाभ मिल रहा है?
अजय कुमार झा : जैसा कि मैंने पहले आपको बताया कि श्वेता झा ने अपने कार्यकाल में दुमका शहर के विकास के लिए बहुत काम किया,जिसका मुझे लाभ मिल रहा है।तत्कालीन अध्यक्ष श्वेता झा के पत्र पर ही जमाबंदी जमीन पर पीएम आवास योजना के आवास की स्वीकृति मिली थी।इससे गरीब परिवारों को घर का सपना पूरा हुआ।
◆सवाल:चुनाव जीतने के बाद आप पहला काम क्या करेंगे?
अजय कुमार झा : तीन साल से नगर निकाय का चुनाव नहीं होने से पूरे शहर में गंदगी का अंबार है।शहर को साफ-सुथरा, स्वच्छ बनाएंगे।मैलगढा से कूड़ा डंपिंग हटा कर जहां जमीन ली गई है,वहां शिफ्ट कराएंगे।सरकार की मदद से पेयजल की व्यवस्था को और बेहतर करेंगे।


