रांची । हाईकोर्ट में लोकायुक्त, मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई हुई । अदालत ने सरकार का पक्ष जानने के बाद याचिका निष्पादित कर दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई में मानवाधिकार आयोग और राज्य निशक्तता आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति पर सरकार से जवाब मांगा है। इससे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने राज्य में लोकायुक्त के रूप में जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की नियुक्ति कर ली है। वहीं राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति हो चुकी है और मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति मामले की सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कर रही है। ऐसे में अब इस मामले में हाईकोर्ट में दायर दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने इन दोनों की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका निष्पादित कर दी। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट में हुई।
दरअसल राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित राजकुमार की अवमानना याचिका समेत राज्य के 12 संवैधानिक संस्थाओं में अध्यक्ष एवं सदस्यों के पद रिक्त रहने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। पूर्व में सुनवाई के प्रार्थियों की ओर से कहा गया था कि लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग,राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त सहित कई संवैधानिक संस्थाओं के पद 3 से 5 साल से खाली पड़े हैं। लेकिन इन्हें अब तक इसे नहीं भरा जा सका है, इसे जल्द भर जाए।


