रांची । हजारीबाग वन भूमि घोटाले के आरोपी आईएएस विनय विनय चौबे की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आरोप है कि विनय चौबे हजारीबाग में डीसी पद पर रहने के दौरान वन विभाग की भूमि के पांच प्लॉटों की अवैध तरीके से जमाबंदी की थी । यह जमीन गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज है।
वन संरक्षण अधिनियम के अनुसार, भारत सरकार की अनुमति के बिना ऐसी भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता। आरोप है कि अधिकारियों और खरीदार विनय सिंह ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और नियम विरुद्ध तरीके से जमीन का मालिकाना हक बदलवाया। मामला उजागर होने के बाद वर्ष 2013 में ही सभी अवैध जमाबंदियों को रद्द कर दिया गया था, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सही माना था। एसीबी ने प्रारंभिक जांच में पुष्टि होने के बाद 25 सितंबर 2025 को सरकार से अनुमति प्राप्त की और हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।


