संताल एक्सप्रेस संवाददाता
रांची । राज्य में होल्डिंग टैक्स की चोरी रोकने और शहरी विकास को अधिक पारदर्शी व योजनाबद्ध बनाने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक अहम तकनीकी पहल की है। इसके तहत जनवरी माह से रांची, धनबाद और गिरिडीह नगर निगम क्षेत्रों में संपत्तियों का ज्योग्राफिकल इनफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित सर्वे और डिजिटल मैपिंग शुरू की जाएगी। झारखंड सरकार ने नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और शहरी व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। नगर विकास विभाग द्वारा यह फैसला पिछले अप्रैल में मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। सरकार की यह डिजिटल पहल नगर निकायों के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ शहरों के समग्र और सुनियोजित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जीआईएस सर्वे के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में स्थित सभी संपत्तियों का सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। टैक्स चोरी पर लगेगा लगाम, बढ़ेगा राजस्व जीआईएस तकनीक के जरिए उन संपत्तियों की पहचान की जाएगी, जो अब तक नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं या जिनके मालिक होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इससे टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। अनियमित निर्माण और योजनाबद्ध विकास का खाका होगा तैयार सर्वे से शहरी क्षेत्रों में अनियमित रूप से बने मकानों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। साथ ही, सटीक आंकड़े उपलब्ध होने से सड़कों, नालियों, जलापूर्ति, सीवरेज और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी। वही, जीआईएस मैपिंग से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग को चिन्हित करने में सहूलियत होगी, जिससे पात्र लाभुकों को समय पर सहायता मिल सकेगी। निकाय क्षेत्र में हजारों करदाता नहीं दे रहे संपत्ति कर प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के बड़े निकाय क्षेत्रों में हजारों करदाता संपत्ति कर नहीं दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों नगर निकायों में बड़ी संख्या में लोग होल्डिंग टैक्स नहीं दे रहे हैं। रांची में करीब 70 हजार संपत्ति मालिकों पर टैक्स बकाया है, जिससे पिछले वर्ष लगभग द करोड़ का नुकसान हुआ। धनबाद में 40 हजार से अधिक होल्डिंग धारक वर्षों से टैक्स भुगतान नहीं कर रहे हैं। गिरिडीह में 2,200 डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किया गया है, जिन पर लगभग 80 लाख बकाया है।


