दुबई । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आचार संहिता उल्लंघन के लिए पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी गुल फिरोजा पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया है। आईसीसी ने फिरोजा को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया गया है, जिसके चलते उन पर ये जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। ये आईसीसी के नियमों के तहत एक गंभीर चेतावनी मानी जाती है।
फिरोजा पर ये कार्रवाई दुबई में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ खेले गए मैच में आचारसंहिता तोड़ने के लिए की है। फिरोजा ने इस मैच में ऑन-फील्ड अंपायर के एलबीडब्ल्यू आउट देने के फैसले पर अपनी नाराजगी जताई थी जिसे आईसीसी के खिलाड़ियों के लिये तय आचारसंहिता का सीधा उल्लंघन माना जाता है। ये मामला पाकिस्तान की पारी के पांचवें ओवर का है तब कलाई की स्पिनर कैरी चैन की एक टॉस-अप डिलीवरी पर फिरोजा स्वीप करने के लिए नीचे झुकीं। गेंद स्टंप्स के सामने उनके पैड पर जा लगी। जिसपर मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया।
टूर्नामेंट में डीआरएस (निर्णय समीक्षा प्रणाली) का उपयोग नहीं होने के कारण, फिरोजा को पवेलियन लौटना पड़ा। हालांकि, पवेलियन लौटते समय फिरोजा ने अंपायर के फैसले पर असहमति व्यक्त करते हुए अपने बल्ले की ओर इशारा किया और कथित तौर पर कहा था कि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर गई थी। इसी को लेकर आईसीसी का कहना है कि फिरोजा का यह व्यवहार आईसीसी प्लेयर्स के लिए जारी आचार संहता के विपरीत है। यह पिछले 24 महीनों के भीतर फिरोजा की दूसरी गलती थी, जिसके कारण उनके कुल डिमेरिट पॉइंट की संख्या अब दो हो गई है।
गौरतब हे कि गुल फिरोजा एशिया कप के दौरान कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के लिए दोषी पाई जाने वाली पाकिस्तान की दूसरी खिलाड़ी हैं। इससे पहले, टीम की कप्तान फातिमा सना पर भी मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया था। फातिमा को शनिवार को भारत के खिलाफ मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद किए गए अति-उत्साहित होकर जश्न मनाने और अनुचित व्यवहार के लिए एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया था।
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