नईदिल्ली । फोन को हर बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करना एक आम गलती है। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आपके फोन की बैटरी हेल्थ लंबे समय में गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। एक्सपर्टस के अनुसार, अगर स्मार्टफोन को उसकी बैटरी साइकल की क्षमता से अधिक दबाव में रखा जाए, तो बैटरी जल्दी कमजोर होने लगती है और समय से पहले खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
जानकार बताते हैं कि स्मार्टफोन में मौजूद लिथियम-आयन बैटरियां सीमित चार्ज साइकल पर काम करती हैं। जब फोन को बार-बार पूरा 100 प्रतिशत तक चार्ज किया जाता है, तो बैटरी की केमिकल संरचना पर असर पड़ता है। लगातार फुल चार्ज करने से बैटरी पर हाई वोल्टेज का दबाव बनता है, जो उसकी क्षमता को धीरे-धीरे कम करता है। इसका नतीजा यह होता है कि फोन पहले से कम बैकअप देने लगता है और चार्ज तेजी से खत्म होता दिखाई देता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी को 80–90 प्रतिशत तक चार्ज करना अधिक सुरक्षित और प्रभावी है, जिससे बैटरी पर तनाव कम पड़ता है और उसकी लाइफ बढ़ती है। इसके अलावा, रातभर फोन को चार्ज पर लगा छोड़ना भी बैटरी के लिए नुकसानदायक है। रातभर चार्जिंग के दौरान फोन बार-बार 99 से 100 प्रतिशत के बीच माइक्रो-चार्जिंग लूप में फंस जाता है। यह लगातार होने वाली प्रक्रिया बैटरी को ओवरहीट करती है, जिससे उसकी हेल्थ तेजी से गिरती है। कई लोग फास्ट चार्जर का अधिक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह भी गर्मी बढ़ाकर बैटरी की उम्र घटाने में योगदान देता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैटरी को लंबे समय तक बेहतर हालत में रखना चाहते हैं तो फोन को 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज रखना आदर्श है।
इसके साथ ही असली या प्रमाणित चार्जर का उपयोग करना भी जरूरी है, क्योंकि लोकल या सस्ते चार्जर बैटरी को अनियंत्रित वोल्टेज सप्लाई कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। फोन को हर बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करने से बचें और सुरक्षित चार्जिंग रूटीन अपनाएं, जिससे आपका फोन लंबे समय तक बेहतरीन प्रदर्शन दे सके। तकनीकी जानकारों की यह भी सलाह है कि फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल सीमित करें, ताकि बैटरी पर कम दबाव पड़े और फोन की लाइफ लंबी बनी रहे। कुल मिलाकर, स्मार्टफोन बैटरी की उम्र बढ़ाने के लिए चार्जिंग आदतों में छोटे बदलाव करना बेहद जरूरी है।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


