नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में एक-दो दिनों की मामूली राहत के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) मंगलवार सुबह से ही घने कोहरे और स्मॉग की एक सफेद मोटी चादर में लिपटा नजर आ रहा है। इस भीषण धुंध के कारण न केवल सड़कों पर रफ्तार धीमी हुई है, बल्कि विमान सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है। कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के चलते दर्जनों उड़ानें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जबकि कई फ्लाइट्स को ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा है।
कोहरे की मार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई है। दिल्ली के साथ-साथ मुंबई और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली विमानन सेवाएं भी इस मौसमी बदलाव की चपेट में हैं। खराब मौसम के कारण हवाई अड्डे पर विमानों के परिचालन में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे हजारों यात्री टर्मिनल पर फंसे हुए हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना साझा की है। प्रशासन के अनुसार, एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन कैट-3 सिस्टम के तहत संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि अराइवल और डिपार्चर की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में देरी या अचानक बदलाव की पूरी संभावना बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस के माध्यम से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। निजी एयरलाइंस कंपनियों ने भी अपने यात्रियों को अलर्ट करना शुरू कर दिया है। इंडिगो और स्पाइसजेट सहित अन्य विमानन कंपनियों ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करें। एयरलाइंस का कहना है कि वे यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड का यह दौर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। नए साल की छुट्टियां बिताकर वापस अपने काम पर लौट रहे लोगों के लिए यह स्थिति बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। फिलहाल हवाई अड्डा प्राधिकरण और एयरलाइंस कंपनियां परिचालन को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन मौसम का मिजाज देखते हुए यात्रियों को आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की जरूरत है।


