नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एक ताजा रिपोर्ट की माने तो मशीन लर्निंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और अन्य उन्नत एआई कौशल वाले उम्मीदवारों को न केवल अधिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे एआई युवाओं के लिए सबसे आकर्षक करियर विकल्पों में शामिल होता जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार उन क्षेत्रों में सबसे अधिक भर्ती हो रही है, जहां एआई का उपयोग मानव कार्यक्षमता को बढ़ाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। रेडियोलॉजी, भर्ती प्रबंधन और हवाई यातायात नियंत्रण जैसे पेशों में एआई आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। इसके विपरीत, जिन क्षेत्रों में एआई केवल नियमित कार्यों को सरल बनाने तक सीमित है, वहां रोजगार वृद्धि की गति अपेक्षाकृत धीमी देखी गई है। एआई उद्योग में मशीन लर्निंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी विशेषज्ञताओं की मांग में लगभग 69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनियां ऐसे पेशेवरों को प्राथमिकता दे रही हैं जो एआई टूल्स और मॉडल्स का प्रभावी उपयोग कर नई तकनीकी संभावनाएं विकसित कर सकें और व्यावसायिक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत कर सकें। यही कारण है कि इन क्षेत्रों में योग्य उम्मीदवारों के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। भारत भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि एआई के बढ़ते प्रभाव के कारण अब शुरुआती स्तर की नौकरियों में भी अधिक उन्नत कौशल की अपेक्षा की जा रही है। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जो तकनीकी रूप से सक्षम हों और नई डिजिटल चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि एआई के व्यापक उपयोग का असर जूनियर स्तर की भर्तियों पर पड़ सकता है। सर्वेक्षण में शामिल करीब 49 प्रतिशत मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का मानना है कि अगले तीन वर्षों में एआई के कारण शुरुआती स्तर पर नई नियुक्तियों की संख्या घट सकती है। इसके बावजूद जिन कंपनियों ने बड़े पैमाने पर एआई को अपनाया है, वहां वर्ष 2018 की तुलना में रोजगार में 52 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि भविष्य का रोजगार बाजार एआई कौशल रखने वाले पेशेवरों के लिए और अधिक अवसर लेकर आने वाला है।
ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट 2026 के अनुसार, बेंगलुरु एआई नवाचार के मामले में एशिया का दूसरा सबसे प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। शोध और प्रदर्शन के आधार पर इस शहर ने दुनिया के शीर्ष 10 एआई इनोवेशन हब में स्थान हासिल किया है। स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग में बेंगलुरु 15वें स्थान पर है और इसकी कुल इकोसिस्टम वैल्यू 152.8 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। यह उपलब्धि भारत के तकनीकी और स्टार्टअप क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। यह अध्ययन भारत समेत 27 देशों और क्षेत्रों में एक अरब से अधिक नौकरी विज्ञापनों के विश्लेषण पर आधारित है।


