नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय फिल्म अभिनेत्री जान्हवी कपूर के खिलाफ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश देगा। अनूप जयराम भांभानी की बेंच ने मंगलवार को जान्हवी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया। कोर्ट इस संबंध में आदेश अपलोड करेगा। सुनवाई के दौरान जान्हवी की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्होंने हिन्दी और तेलुगु फिल्मों में काम किया है। उन्होंने कहा कि कुछ पॉर्न कंटेंट हैं, सोशल मीडिया पर उनके नाम से चल रहे, कई ऐसे फर्जी अकाउंट हैं जिनके जरिये कमाई की जा रही है। उन्हें हटाने की जरुरत है। कोर्ट ने कहा कि जहां तक पोर्न कंटेंट का संबंध है उसे रोकना ही होगा। जिन फर्जी अकाउंट के बारे में बताया जा रहा है उनकी संख्या 1900 के आसपास है, जैसे फैन पेज वगैरह। क्या इस पर रोक लगाया जा सकता है। क्या डिजिटल जमाने में आप फैंस नहीं चाहते। फैन पेज गलत हो सकते हैं, उसमें भी पोर्न कंटेंट हो सकते हैं। अगर यह व्यावसायिक दोहन है तो ठीक है लेकिन सभी फैंस पेज को नहीं हटाया जा सकता है।
इसके पहले उच्च न्यायालय कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुकी है। उच्च न्यायालय फिल्म अभिनेत्री तब्बू, क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा फिल्म अभिनेता और सांसद रवि किशन, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी चीज का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुका है।


