नई दिल्ली । आंखों के नीचे बनने वाले डार्क सर्कल्स सिर्फ त्वचा से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि शरीर की थकान, आंतरिक असंतुलन और जीवनशैली की गड़बड़ियों का संकेत हैं। लगातार जागना, तनाव, भूख समय पर न लगना, पाचन तंत्र की कमजोरी और शरीर में वात एवं पित्त का असंतुलन काले घेरों की मुख्य वजह माने गए हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में रस धातु की कमी हो जाती है, रक्त अशुद्ध हो जाता है या पेट पूरी तरह साफ नहीं रहता, तब आंखों के नीचे काले घेरे बनने लगते हैं। आधुनिक व्यस्त जीवनशैली, जंक फूड, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन का लंबा इस्तेमाल और नींद का कम होना भी इस समस्या को तेजी से बढ़ाते हैं। डार्क सर्कल्स को कम करने का सबसे कारगर और सरल उपाय है शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखना। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले पदार्थ मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं और पूरा सिस्टम साफ होने लगता है। जब शरीर अंदर से स्वस्थ होता है, उसका प्रभाव चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है।
साथ ही, पाचन शक्ति को मजबूत बनाना भी बेहद जरूरी है क्योंकि आयुर्वेद में पेट को सभी रोगों की जड़ माना गया है। सुबह खाली पेट आंवला रस या आंवला चूर्ण को शहद के साथ गुनगुने पानी में मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है। यह आंतों की सफाई करता है, खून को शुद्ध करता है और चेहरे को प्राकृतिक चमक प्रदान करता है। बाहरी तौर पर मालिश और हर्बल केयर भी डार्क सर्कल्स में लाभकारी मानी जाती है। मुलेठी, मंजिष्ठा, गुलाब की पत्तियां और मीठे बादाम के तेल को हल्का गर्म करके मिश्रण तैयार करें और रात में सोने से पहले आंखों के आसपास सर्कुलर मोशन में हल्के हाथ से मसाज करें। यह रक्त प्रवाह को बढ़ाकर त्वचा को पोषण देता है और धीरे-धीरे काले घेरों को हल्का करने में मदद करता है।
इसी तरह, रात में देसी घी में दो बूंद गुलाब जल मिलाकर मालिश करना भी आंखों की थकान दूर करता है, झुर्रियों को कम करता है और त्वचा को मुलायम बनाता है। इन सभी उपायों के साथ पर्याप्त नींद लेना सबसे जरूरी है। कम से कम सात घंटे की गहरी नींद शरीर, मस्तिष्क और मन तीनों को आराम देती है और तनाव दूर करती है। तनाव शरीर के संतुलन को बिगाड़ता है और डार्क सर्कल्स को और गहरा कर देता है, इसलिए रोजमर्रा में शांति, सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या अपनाना जरूरी है।
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