नई दिल्ली। दिल्ली कैपिटल्स और बंगाल के लिए खेलने वाले क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को कथित बलात्कार के आरोपों में 36 दिनों की गिरफ्तारी के बाद बड़ी राहत मिली है। चुंचुड़ा कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। अभिषेक पोरेल को 11 अगस्त को कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि वह करीब साढ़े तीन साल से पोरेल के साथ रिश्ते में थीं और क्रिकेटर ने उनसे शादी का वादा किया था। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इस रिश्ते के दौरान वे पोरेल के साथ विदेश यात्रा पर भी गए थे, लेकिन बाद में पोरेल ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें पुलिस का सहारा लेना पड़ा।
यह शिकायत 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया था, जिसके साथ-साथ धारा 311, 318 और बीएनएस के अन्य प्रावधानों के तहत भी आरोप लगाए गए थे। इसके अतिरिक्त, आईटी अधिनियम की धारा 66 और 72 के तहत भी मामले दर्ज किए गए थे। यह मामला बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचा, जिसने पुलिस को पोरेल को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत, बलात्कार के आरोपों के साथ-साथ आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित अपराधों के आरोप भी शामिल थे। अदालत ने शिकायतकर्ता की तस्वीरों और वीडियो को वायरल होने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को जब्त करने का भी निर्देश दिया था ताकि सबूतों को सुरक्षित रखा जा सके।
23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को 2023 में दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में शामिल किया था, जहां उन्हें अनुभवी विकेटकीपर ऋषभ पंत के बैकअप के रूप में देखा जा रहा था। उन्होंने 2021-22 सीज़न में बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था और 32 प्रथम श्रेणी मैचों तथा 23 लिस्ट ए मैचों में राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि जमानत मिलने से उन्हें फिलहाल राहत मिली है, यह मामला अभी भी कानूनी रूप से सक्रिय रहेगा। इस घटना ने उनके उभरते हुए क्रिकेट करियर पर निश्चित रूप से एक गहरा प्रभाव डाला है, और अब उन्हें मैदान के बाहर अपनी बेगुनाही साबित करने की लंबी लड़ाई लड़नी होगी।
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