कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए
ई-साइकिल वितरण की कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देश
रांची । कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, परामर्श, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक एवं पारंपरिक सामुदायिक संरचनाओं से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कब्रिस्तान घेराबंदी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि संबंधित समुदायों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा एवं धुमकुडिय़ा भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि ये भवन पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडऩे के उद्देश्य से संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप पुनर्संरचित एवं सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर व्यावहारिक, परिणामोन्मुख एवं बाजार की मांग के अनुरूप होने चाहिए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को वास्तविक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्तमान आवश्यकताओं एवं बदलते परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने हेतु एक समन्वित एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इस दिशा में कल्याण विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री कृपानंद झा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


