डॉ. अर्पणा कुमारी इतिहास के पन्नों से गूंजती हूल की आवाज 30 जून 1855 को भोगनाडीह की माटी से फूटा…
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1855 का संताल हूल जल, जंगल और जमीन की रक्षा का महासंग्राम था। आज 2026 परिस्थिति के अनुसार झारखंड को…
दुमका। दुमका लोकसभा के पूर्व सांसद व भाजपा नेता सुनील सोरेन ने हुल पर दोटूक शब्दों में कहा कि आज…
दुमका। ‘हूल’ का सीधा और स्पष्ट अर्थ है—क्रांति। 30 जून 1855 को सिदो, कान्हू, चांद और भैरव के कुशल नेतृत्व…
संसार में किसी भी प्रकार का विरोध या संघर्ष के पीछे अन्याय, असहनीय अत्याचार एवं जुर्म की दास्तां होती है।…
– अशोक सिंह झारखंड स्वायत्तता और सुशासन का अगुआ रहा है। यहां की धरती प्रतिरोध की धरती रही है। जब…
डॉ०अन्नपूर्णा झा विभिन्न क्षेत्रों के जनजातीय विद्रोहों में संताल हूल या संतालों का विद्रोह सबसे जबरदस्त और प्रभावपूर्ण था। यह…
रांची । झारखंड के गढ़वा जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है,…
रांची । झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों…
पटना । राजधानी के पटना सिविल कोर्ट में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम…

