जयपुर । रक्षाबंधन पर शुक्रवार को जयपुर सेंट्रल जेल का माहौल भावुक नजर आया। सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने मेन गेट के पास भाई-बहनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की थी। सलाखों के पीछे खड़े भाइयों को राखी बांधते समय कई बहनों की आंखें नम हो गईं।
मुलाकात के लिए पहुंचीं बहनों के चेहरों पर भाई से मिलने की उत्सुकता और खुशी साफ नजर आ रही थी। वहीं, जैसे ही भाइयों के सामने पहुंचीं और राखी बांधी, भावनाएं आंखों से छलक पड़ीं। किसी ने भाई को मिठाई खिलाई तो किसी ने कुछ पल बात कर अपना मन हल्का किया।
जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन को देखते हुए बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की थी। बहनों को ज्यादा देर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए राखी बंधवाने वाले बंदियों को पहले ही मेन गेट के पास बुला लिया गया था।
दो मिनट की मुलाकात के दौरान बहनों ने सलाखों के पीछे मौजूद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। भाई भी बहनों से कुछ पल बात कर उनका हालचाल पूछते नजर आए। समय पूरा होते ही बहनों को लौटना पड़ा, लेकिन इन चंद पलों में भाई-बहन के रिश्ते की गहराई साफ दिखाई दी।
मुलाकात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए सलाखों के दोनों ओर प्रहरी तैनात किए गए थे। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखा कि रक्षाबंधन पर बहनों को अपने भाइयों से मिलने में ज्यादा परेशानी न हो।
जेल की दीवारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच राखी का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से जुड़ गया। कुछ बहनें मुस्कुराते हुए जेल पहुंचीं, लेकिन भाई की कलाई पर राखी बांधकर लौटते समय कई आंखें नम थीं।


