◆दुमका नगर परिषद की सिटिंग चेयरमैन हैं श्वेता झा
◆महिला आरक्षित पद होने के कारण पिछला चुनाव खुद नहीं लड़े थे मिकी झा
◆18 साल बाद अब अनारक्षित हो गया है अध्यक्ष का पद
सुमन सिंह
दुमका । आसन्न नगर निकाय चुनाव में दुमका नगर परिषद के अध्यक्ष का पद अनारक्षित हो जाने से शहर में संभावित प्रत्याशियों के नाम को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।पिछले तीन टर्म से यह पद महिला के लिए आरक्षित था।करीब 18 साल बाद यह मौका आया है जब कोई पुरुष भी इस पद के लिए अपना किस्मत आजमा सकता है।जाहिर है,जब चुनाव की घोषणा होगी तब कई नाम सामने होंगे।फिलहाल शहर में चर्चा के केन्द्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर परिषद की निवर्तमान चेयरमैन श्वेता झा खुद चुनाव लड़ेंगी कि इस बार उनके पति अजय कुमार झा उर्फ मिकी झा चेयरमैन का चुनाव लड़ेंगे?दुमका में मिकी झा की पहचान एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है और पिछला चुनाव वे खुद लड़ना चाहते थे।
पर अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हो जाने के कारण उन्होंने अपनी पत्नी श्वेता झा को चुनाव मैदान में उतारा था।दलीय आधार पर सम्पन्न 2018 के नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी होते हुए भी श्वेता झा ने भाजपा प्रत्याशी (तत्कालीन सिटिंग चेयरमैन) अमिता रक्षित को 8 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर चेयरमैन निर्वाचित हुई थीं।श्वेता झा की यह जीत मिकी झा की जीत थी।अब दुमका नगर परिषद का अध्यक्ष पद अनारक्षित हो जाने से मिकी झा के खुद चुनाव लड़ने में कोई अड़चन नहीं रह गया है।उनके समर्थकों का जोर है कि इस बार मिकी झा खुद चुनाव मैदान में उतरें।हालांकि इस पर उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।इस संबंध में पूछे जाने पर अजय कुमार झा उर्फ मिकी झा ने कहा कि चुनाव की घोषणा होने के बाद अपने समर्थकों की राय से निर्णय लेंगे।


