देश के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार, लगभग 303 अरब बैरल, लेकिन उत्पादन में गिरावट
नई दिल्ली । वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की 3 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद देश के तेल सेक्टर पर चर्चा तेज हो गई है। देश के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लगभग 303 अरब बैरल, लेकिन उत्पादन लगातार गिरता रहा है। 2010 में रोजाना लगभग 20 लाख बैरल तेल निकाला जाता था, जबकि नवंबर 2025 में यह घटकर केवल 9 लाख बैरल प्रति दिन रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला में तेल उत्पादन तेजी से बढ़ाना आसान नहीं है। सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए में लंबे समय से निवेश की कमी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण 2026 में केवल 1.5 लाख बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी संभव है। बंदरगाहों पर जहाजों को तेल भरने में पांच दिन लगते हैं, पाइपलाइन लीकेज हो रही हैं और कई रिफाइनरी बंद हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले 10 साल में करीब 100 अरब डॉलर निवेश की जरूरत होगी।
अमेरिका की तेल कंपनियां भारी कच्चा तेल निकालने में दिलचस्पी दिखा सकती हैं। हालांकि, स्थिरता और सुरक्षा न होने के कारण बड़े निवेश में हिचकिचाहट है। भारत की कुछ सरकारी तेल कंपनियां पहले से पीडीवीएसए के साथ काम कर रही हैं। अगर निवेश और मशीनरी आसानी से मिलें, तो उत्पादन बढ़ सकता है। भारत पहले वेनेजुएला से रोजाना लगभग 4 लाख बैरल तेल मंगाता था, जो सस्ता और भारी कच्चा तेल होने के कारण रिफाइनरियों के लिए लाभकारी है। 2026 में वेनेजुएला से ज्यादा तेल आने की उम्मीद नहीं है, इसलिए ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत लगभग 61.5 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है। हालांकि, 2027 से उत्पादन बढ़ा तो वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ सकता है।


