ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए 3 लाख से लेकर 4.25 लाख तक के मुफ्त कूपन भी
नई दिल्ली । एमएलसी चुनावी गतिविधियों के बीच विधान परिषद सदस्यों यानी एमएलसी को मिलने वाले वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। भारत में एमएलसी का वेतन सभी राज्यों में एक समान नहीं होता है। इसे हरेक राज्य सरकार अपने विशिष्ट नियमों और कानूनों के तहत तय करते हैं। आमतौर पर किसी राज्य के एमएलसी का वेतन और भत्ते उसी राज्य के विधायक के बराबर ही रखे जाते हैं, जिसके कारण कई राज्यों के बीच एमएलसी के कुल मासिक वेतन में काफी अंतर देखने को मिलता है।
जानकारों के मुताबिक देश में यूपी और महाराष्ट्र ऐसे राज्य हैं, जहां विधान परिषद सदस्यों को मिलने वाला कुल मासिक वेतन सबसे ज्यादा है। यूपी इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां एक एमएलसी की कुल मासिक कमाई करीब 2.66 लाख रुपए से लेकर 2.96 लाख रुपए तक होती है। यूपी में एमएलसी का मूल मासिक वेतन केवल 35,000 रुपए है, लेकिन इसमें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और चिकित्सा भत्ता जैसे भारी अतिरिक्त लाभ जुड़ने के बाद कुल राशि काफी बढ़ जाती है। इसी प्रकार महाराष्ट्र में वेतन और सभी भत्तों को मिलाकर कुल मासिक भुगतान करीब 2.52 लाख रुपए होता है, जबकि तेलंगाना में एमएलसी को प्रतिमाह करीब 2.50 लाख रुपए का वित्तीय पैकेज मिलता है।
यदि बिहार से इसकी तुलना की जाए तो बिहार में एक एमएलसी को मिलने वाला कुल मासिक वेतन यूपी, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों से काफी कम है। बिहार में विधान परिषद सदस्य का मूल वेतन 50,000 रुपए तय है, जबकि निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और निजी सहायक के लिए मिलने वाले भत्ते को जोड़कर कुल मासिक कमाई करीब 1.60 लाख रुपए से 1.70 लाख रुपए के बीच होता है। मासिक वेतन के अलावा एमएलसी को कई तरह के विशेष भत्ते और रियायतें भी दी जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एमएलसी को प्रतिवर्ष ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए 3 लाख रुपए से लेकर 4.25 लाख रुपए तक के मुफ्त यात्रा कूपन मिलते हैं।
इसके अलावा विधान परिषद के सत्र या बैठकों में भाग लेने के लिए 2,500 से 3,000 रुपए का दैनिक भत्ता अलग से दिया जाता है। एमएलसी को सरकारी आवास या मकान किराया भत्ता, 2000 यूनिट तक मुफ्त बिजली, और नया वाहन खरीदने के लिए कम ब्याज दर पर 15 लाख से 25 लाख रुपए तक का एडवांस लोन भी दिया जाता है। कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें प्रतिमाह 45,000 रुपए या उससे ज्यादा की पेंशन भी मिलती है।


