अक्टूबर महीने की शुरुआत में कंपनी ने 1,000 कर्मचारियों को हटाया था
नई दिल्ली । टेक जगत की दिग्गज कंपनी अमेज़न ने एक बार फिर अपने डिवाइसेज और सर्विसेज यूनिट से 250 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह एक महीने के भीतर अमेज़न में छंटनी का दूसरा बड़ा दौर है। इससे पहले अक्टूबर महीने की शुरुआत में कंपनी ने अपने रिटेल डिवीजन से लगभग 1,000 कर्मचारियों को हटाया था, जिससे कर्मचारियों के बीच पहले से ही अनिश्चितता का माहौल था। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह खबर कंपनी द्वारा हाल ही में किंडल ई-रीडर और टैबलेट कंप्यूटर जैसे नए प्रोडक्ट्स को मार्केट में लॉन्च किए जाने के कुछ ही हफ्तों में आई है, जो विरोधाभासी लग रहा है। कंपनी की तरफ से एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कुछ पदों को खत्म करने का मुश्किल फैसला लिया है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि इस बार हुई कटौती से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े ज्यादा से ज्यादा 250 पद प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने इन छंटनियों का मकसद अमेज़न को अधिक कुशलता से काम करने और अपने प्रोडक्ट रोडमैप के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में मदद करना बताया है।
बताया जा रहा है कि अमेज़न अब अपने एलेक्सा सिस्टम से आगे बढ़कर जेनरेटिव एआई और अधिक एडवांस्ड एआई मॉडल्स पर निवेश बढ़ा रहा है। इसके चलते पुराने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और पुराने डिवाइस प्रोजेक्ट्स से जुड़े पदों को समाप्त किया जा रहा है। कंपनी अपने डिवाइस डिवीजन को बेहतर तरीके से काम करने वाला, लेकिन साथ ही में कम खर्चीला बनाना चाहती है। अमेज़न के डिवाइसेज विभाग के वाइस प्रेसिडेंट के आंतरिक मेमो के अनुसार, वे उन प्रोजेक्ट्स को बंद कर रहे हैं जो भविष्य के लक्ष्यों, जैसे बड़े भाषा मॉडल के साथ मेल नहीं खाते। अमेज़न की डिवाइस यूनिट, खासतौर पर इको और एलेक्सा- हार्डवेयर की बिक्री से सीधा मुनाफा कमाने में संघर्ष करती रही है। लागत की भरपाई करने और इस डिवीजन को प्रॉफिटेबल बनाने के लिए यह छंटनी की गई है, जिसकी सूचना कर्मचारियों को बुधवार सुबह-सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए दी गई।


