देवघर। कचहरी परिसर स्थित सूचना भवन के समक्ष झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिला इकाई देवघर द्वारा नौवें दिन मंगलवार को वादा निभाओ स्थायी करो कार्यक्रम के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल में धरने पर बैठे रहे। मिली जानकारी के अनुसार 2 जुलाई को मनरेगा कर्मियों के लिए मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया था। लेकिन सरकार की ओर से वार्ता का पहल नहीं किया गया। जिससे सभी मनरेगा कर्मी क्षुब्ध व आक्रोशित होकर 22 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। मौके पर जिला उपाध्यक्ष हृदयनारायण सिंह ने कहा कि सरकार मनरेगा कर्मियों के लिए दोहरी नीति अपना रही है। मनरेगा में कार्यरत जिला स्तर तक के कर्मी को ग्रेड पे दिया जा रहा है, लेकिन क्षेत्रीय कर्मी, प्रखंड और पंचायत कर्मी को ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान संयोजक हिमांशु शेखर, संगठन मंत्री पंकज शर्मा एवं अमितेश राव, अमित सिंह व केवल प्रसाद ने कहा कि विगत 16 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत मनरेगा कर्मियों का सरकार और विभाग शोषण कर रही है। जबकि अन्य राज्यों हिम राजस्थान और बिहार में मनरेगा कर्मी को स्थाई किया गया है। कहा कि सूबे के मंत्री इरफान अंसारी के साथ संघ की वार्ता व मुलाकात हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मांग जायज है। मुख्यमंत्री से अनुरोध कर जल्द ही संघ की वार्ता कराएंगे। इस अवसर पर सभी कर्मी मौजूद थे।
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