न्यूयॉर्क/नई दिल्ली । शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अब आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जोर पकड़ने लगा है। अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन होजे सहित यूरोप के लंदन, बर्लिन, नीदरलैंड और आयरलैंड में भी भारतीय मूल के लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा कथित परीक्षा अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग उठाई।
अमेरिकी संगठन हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स के बैनर तले न्यूयॉर्क के यूनियन स्क्वायर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने और सैन होजे में प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए तथा केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की।
संगठन के अनुसार, इसी प्रकार के एकजुटता प्रदर्शन लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और डबलिन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर भी आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत के विद्यार्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए तथा सरकार को छात्रों की चिंताओं पर खुला संवाद शुरू कर आवश्यक सुधार लागू करने चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उनका उपचार जारी है। इस बीच देश में कई विपक्षी दलों ने भी उनके समर्थन में प्रदर्शन किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते समर्थन को शिक्षा सुधार की मांग को वैश्विक स्तर पर मिल रही सहानुभूति के रूप में देखा जा रहा है।
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