पेंशन राशि दोगुनी होने पर अधिवक्ता ने राज्य सरकार की प्रयास पर जताया आभार
बोले: किसी सरकार ने पहली बार अधिवक्ताओं के हित को किया याद
दुमका ब्यूरो
दुमका। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के हित में पेंशन राशि 14 हजार रुपया बढ़ोत्तरी किए जाने से दुमका के अधिवक्ताओं में काफी हर्ष है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। अधिवक्ताओं ने तत्काल योजना को लागू करने की मांग की है। कहा कि सरकार की योजना कहीं घोषणा बनकर न रह जाए। जीपी अरूण सिन्हा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बार के कई वरीय अधिवक्ता सहित अन्य कई अधिवक्ता मौजूद थे। जीपी श्री सिन्हा ने कहा कि आज तक कितनी सरकार आई और चली गई, लेकिन किसी ने अधिवक्ता के हित में किसी तरह का कोई काम नहीं किया। पहली बार हेमंत सोरेन ने वकीलों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। कहा कि मंत्री परिषद की बैठक में तय हुआ है कि अब अधिवक्ताओं को 65 साल के बाद सरकार सात हजार रुपया देगी, जबकि पहले से अधिवक्ता को वेलफेयर फंड से सात हजार रुपए मिल रही थी। अब उनकी पेंशन बढ़कर 14 हजार रुपया हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वैसे तो अधिवक्ता सेवानिवृत्त नहीं होते है। सेवानिवृत्त की आयु सीमा 65 साल है। ऐसे में पेंशन योजना का लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा, जो 65 साल पूरा करने के बाद अपनी लाइसेंस को सरेंडर करते हैं। कहा कि इतना ही नहीं नए अधिवक्ताओं को भी पांच साल तक पांच हजार रुपया मिलेगा। पहले इन्हें एक हजार मिलता था। अधिवक्ताओं को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया है। सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष निशिकांत प्रसाद ने कहा कि सरकार ने देर से ही सही, लेकिन सराहनीय कदम उठाया है। उनकी यह योजना चुनावी घोषणा न बनकर रह जाए, इसलिए योजना को तत्काल लागू भी किया जाए। किसी सरकार ने पहली बार अधिवक्ताओं के हित को याद किया है। मौके पर शैलेंद्र नारायण, विद्यापति झा, कुमार प्रभात व विक्रमादित्य पांडेय समेत कई अधिवक्ता रहे मौजूद।


