नई दिल्ली । सरकार देश में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और रुपये पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को अब पूंजीगत लाभ कर (कैपिटल गेन टैक्स) से छूट मिल सकती है। यह प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर कर लिया गया है, जिसे आयकर नियमों में बदलाव कर अध्यादेश के माध्यम से लागू किया जा सकता है। फिलहाल विदेशी निवेशकों को 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए सरकारी बॉन्ड पर होने वाले मुनाफे पर 12.5 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।
सूत्रों के अनुसार सरकार अब इस टैक्स के साथ-साथ बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले 20 फीसदी विदहोल्डिंग टैक्स को भी खत्म करने पर विचार कर रही है। यह कदम भारतीय सरकारी बॉन्ड को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बना देगा। हाल के महीनों में रुपये पर दबाव बढ़ा है और शेयर बाजार से विदेशी निवेशक करीब 28 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। हालांकि, सरकारी कर्ज बाजार में इस साल अब तक लगभग 1.4 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश हुआ है। सरकार का मानना है कि इस टैक्स राहत से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, पूंजी प्रवाह में वृद्धि होगी और रुपये को मजबूती मिलेगी। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।


