●सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की कार्यकारिणी की बैठक में हुई समस्याओं पर चर्चा
●प्रभारी कुलपति और प्रभारी पदाधिकारियों के तानाशाही आदेशों और शिक्षक विरोधी कार्यशैली पर शिक्षक संघ ने जताई नाराजगी
●एसकेएमयूटीए ने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया धन्यवाद
संताल परगना प्रभारी
दुमका।शुक्रवार को संताल परगना महाविद्यालय, दुमका में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (एसकेमुटा) की कार्यकारिणी समिति संघ के उपाध्यक्ष डॉ बिनय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई।बैठक में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के स्नातकोत्तर इकाई के साथ ही सभी महाविद्यालय इकाई शिक्षक संघ के सचिव एवं अध्यक्ष शामिल हुए।शिक्षक नेताओं ने अपनी समस्याओं पर खुल कर अपना विचार रखा।एसकेमुटा के महासचिव डॉ. संतोष कुमार शील ने बैठक के एजेंडा को प्रस्तुत किया जिस पर संघ कार्यकारणी ने सर्व सम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया।15 माह से इस विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति एवं नियमित विश्वविद्यालय पदाधिकारियों की नियुक्त नहीं होने की शिक्षक संघ एसकेमुटा ने कड़े शब्दों में निंदा की।बैठक में प्रभारी कुलपति और प्रभारी पदाधिकारियों के तानाशाही आदेशों और शिक्षक विरोधी कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि विश्वविद्यालय की शिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।इससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है।प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि सिदो कान्हु मुर्मू टीचर्स एसोसिएशन (एसकेएमयूटीए) राजभवन और झारखंड सरकार से नियमित कुलपति और अन्य पदाधिकारियों की यथाशीध्र नियुक्ति की मांग करती है, जिससे विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों में विश्वास बहाल हो सके।
बैठक में बहुप्रतीक्षित ओल्ड पेंशन स्कीम(ओपीएस) को लागू कर झारखण्ड के विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों के भविष्य सुरक्षित करने के लिए एसकेमुटा की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
एसकेमुटा कार्यकारिणी की बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत सम्बोधन डॉ शंभू कुमार सिंह ने किया।अध्यक्षीय संबोधन में डॉ बिनय कुमार सिन्हा ने शिक्षकों की एकजुटता पर बल दिया। कार्यक्रम को डॉ सीदाम सिंह मुंडा , डॉ शर्मिला सोरेन सहित कई शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रविशंकर ने किया। मंच संचालन डॉ सुजीत कुमार सोरेन ने किया।
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न्यूनतम आवश्यकता की सुविधा दें तब जारी करें फरमान
दुमका।शुक्रवार को हुई एसकेएमयू शिक्षक संघ(एसकेएमयूटीए) की बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत( पत्रांक -एसकेएमयू/आर-जी/519/24 दिनांक 02.08.2024) द्वारा जारी आदेश को अमानवीय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की गई।इस आदेश में कॉलेज शिक्षकों को 10 बजे सुबह से 4 बजे तक कॉलेज परिसर में उपस्थित रहने और आगमन एवं प्रस्थान पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने का आदेश है।एसकेएमयूटीए की बैठक में कहा गया कि
आज तक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में कार्यरत समस्त शिक्षकों ने व्याप्त विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन निष्ठापूर्वक किया है और इस प्रकार के आदेश वर्तमान महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के प्रति विश्वविद्यालय प्रबंधन की शिक्षकों, छात्र एवं छात्राओं के प्रति असवेंदनशीलता और अविश्वास को प्रकट करते हैं।महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में न्यूनतम आवश्यकता, शौचालय से लेकर पुस्तकालय तक की व्यवस्था जर्जर स्थिति में है।शिक्षक संघ मांग करती है कि विश्वविद्यालय और समस्त महाविद्यालयों में न्यूनतम आवश्यकता जैसे शिक्षक एवं छात्रों सभी के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा, कैंटीन, प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधा पीने के पानी की सुविधा,चाइल्ड केयर सेंटर की स्थिति में सुधार होने तक संघ ने इस आदेश को अविलम्ब वापस लेने की मांग रखी गई। अन्यथा शिक्षक संघ (एसकेएमयूटीए) लोकतान्त्रिक माध्यमों से विरोध करने के लिये बाध्य होना पड़ेगा।
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छुट्टियों में कटौती वापस लें,कार्य दिवस 5 दिनों का हो
दुमका।एसकेएमयूटा के कार्यकारिणी की बैठक में विश्वविद्यालय की छुट्टी कटौती पर भी चर्चा हुई। महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के लिए 16 दिनों का आकस्मिक अवकाश, 33 दिनों का अर्जित अवकाश और 5 दिनों के कार्य दिवस करने के प्रस्ताव पर विचार करते हुए मांग किया गया कि
जो छुट्टी कटौती की गयी है,उसे वापस किया जाए।अन्यथा आकस्मिक और अर्जित अवकाश विश्वविद्यालय पदाधिकारियों की तरह लागू किया जाए।
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कार्यकारिणी के अन्य प्रमुख निर्णय
●एसकेएमयूटीए में नवनिर्मित विश्वविद्यालय आदिवासी शिक्षक संघ, विश्वविद्यालय के अधीन नव संचालित डिग्री / मॉडल महाविद्यालय को नव डिग्री / मॉडल महाविद्यालय शिक्षक संघ तथा संविदा / आवश्यकता आधारित शिक्षक संघ इकाई के रूप में सम्मिलित करने के प्रस्ताव पर नवीन शिक्षक संघ इकाई के रूप में शिक्षक संघ स्वीकृति एवं मान्यता प्रदान किया गया।
●एसकेमुटा संघ पदाधिकारियों के चुनाव की तिथि पर अगली बैठक मे लेने का निर्णय लिया जाएगा।
●मांग की गई कि संवेदनशीलता के साथ वर्तमान में नियमित शिक्षकों के अनुरूप आकस्मिक अवकाश और महिलाओं को विशेष अवकाश आवश्यकता आधारित / अनुबंधित शिक्षकों एवं महिला शिक्षिकाओं के लिए भी उपलब्ध किया जाना सुनिश्चित करें।
●एसकेमुटा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह करती है कि सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के 2008 बैच के शिक्षकों के लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब में हस्तक्षेप करें ताकि झारखण्ड विश्वविद्यालय में यहां के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक पदाधिकारी बनने से वंचित न हो और झारखण्ड का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
●एसकेमुटा शिक्षक संघ विश्वविद्यालय प्रबंधन से मांग करती है कि झारखण्ड सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने के लिए संकल्प प्रकाशन के बाद एसकेएमयू के सेवानिवृत्त शिक्षकों और मृत्युपरांत शिक्षकों के परिवारों को एक माह के अंदर पेंशन का आर्थिक लाभ देना सुनिश्चित करें।
●संघ विश्वविद्यालय प्रबंधन से मांग करती है कि संघ के आहुत बैठक को कर्तव्य अवकाश की श्रेणी में रखा जाए।
●उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन से संबंधित सभी प्रकार के मानदेय कार्य समाप्ति के आखरी दिन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
●संघ प्रायोगिक परीक्षा में नियुक्त परीक्षकों को निजी /भाड़े के वाहन यात्रा करने के मामले में पूर्व के आदेश की व्यवस्था कायम रखने की मांग करती है।
●एसकेमुटा शिक्षक संघ विश्वविद्यालय प्रबंधन से ठहराव भत्ता दर में बढ़ोतरी की मांग करती है।


