◆महिला व बच्चों की सुरक्षा में एआई से मदद, वीडियो सर्विलांस सिस्टम का विस्तार
◆आसनसोल मंडल में 48 सीसीटीवी कैमरे सहित पूर्व रेलवे के 63 स्टेशनों पर 1243 नए कैमरे
सुमन सिंह
दुमका । पूर्व रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को नई तकनीक का मजबूत सहारा मिला है। एआई-संचालित सीसीटीवी कैमरों और आईपी आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम (VSS) के जरिए अब भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म भी सुरक्षित बनाए जा रहे हैं। यह सिस्टम चेहरे की पहचान समेत कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे खोए बच्चों को तुरंत ढूंढने और अपराध रोकने में मदद मिल रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना का तेजी से विस्तार हुआ है। पहले से 191 स्टेशनों पर लागू इस सिस्टम को बढ़ाकर 63 और स्टेशनों तक पहुंचाया गया, जहां 1243 नए कैमरे लगाए गए। हावड़ा मंडल में 14, सियालदह में 47 और मालदा मंडल में 2 स्टेशनों को जोड़ा गया। वहीं आसनसोल मंडल में 16 आरपीएफ चौकियों पर 48 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय पहल भी जारी है। “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत 1407 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि “ऑपरेशन आहट” में 68 तस्करों को गिरफ्तार कर 124 बच्चों को मुक्त कराया गया। “ऑपरेशन डिग्निटी” के तहत 136 वयस्कों, जिनमें 84 महिलाएं शामिल हैं, को भी सहायता दी गई।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पूर्व रेलवे ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ स्टॉल की शुरुआत की है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए रेलवे को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।


