सेबी के नए नियम लागू, अब घरेलू कीमतों पर तय होगी ईटीएफ वैल्यू
नई दिल्ली । 1 अप्रैल से सोने और चांदी में निवेश करने वाले लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा असर निवेश की वैल्यू, लोन सुविधा और टैक्स प्लानिंग पर पड़ेगा। सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया (सेबी) के नए नियमों के अनुसार अब गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मानक लंदन बुलियन मार्केट एसोशिएशन के बजाय भारतीय एक्सचेंज के घरेलू स्पॉट प्राइस पर आधारित होंगी। इससे निवेशकों को देश के वास्तविक बाजार भाव का बेहतर अंदाजा मिलेगा और विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर कम होगा। वहीं, लोन से जुड़े नियमों में भी राहत दी गई है। अब तक आमतौर पर बैंकों से गोल्ड लोन ही आसानी से मिलता था, लेकिन नए प्रावधानों के तहत बैंक और को-ऑपरेटिव फाइनेंस संस्थाएं चांदी (गहने, सिक्के और बर्तन) के बदले भी लोन दे सकेंगी। यह कदम खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जिनकी बचत चांदी के रूप में है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) निवेशकों के लिए भी नियम बदले हैं। रिजर्व बैंक आफ इंडिया से सीधे खरीदे गए बॉन्ड पर मैच्योरिटी पर मिलने वाला लाभ टैक्स-फ्री रहेगा। हालांकि, यदि एसजीबी सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए हैं, तो उस पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी। इन बदलावों के बाद निवेशकों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है, खासकर ईटीएफ और एसजीबी में निवेश करते समय।


