शिवसेना (यूबीटी) के सांसद राउत ने पवार के निधन पर की संवेदनाएं व्यक्त
मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अजीत पवार के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें राज्य का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। राउत ने कहा कि अजीत दादा के बिना महाराष्ट्र का राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य अब बेचव और अळणी यानी (फीका और बेस्वाद) हो गया है। राउत ने बताया कि जैसे ही बारामती में विमान दुर्घटना की खबर आई, वे और उनका पूरा दल दादा के सकुशल होने की प्रार्थना कर रहा था।
उन्होंने कहा कि हमें लगा था कि वे इस संकट से भी बाहर निकल आएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह महाराष्ट्र के लिए एक अत्यंत काला दिन है। राउत ने कहा कि राज्य पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा कि अजीत पवार की प्रशासन पर मज़बूत पकड़ थी और बाराती से उनका गहरा जुड़ाव था। उन्होंने याद किया कि ठाकरे के नेतृत्व वाली कैबिनेट के दौरान, अजीत पवार डिप्टी सीएमए थे और कैबिनेट को आकार देने में उनकी अहम भूमिका थी।
राउत ने कहा कि अजित पवार को महाराष्ट्र की रीढ़ माना जाता था और उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि अजित पवार शरद पवार पर निर्भर हुए बिना राजनीति में आए थे। राउत ने आगे कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अजीत पवार का सफर इस तरह खत्म होगा। उन्होंने अजित के काम पर एक टेलीविज़न फीचर देखने की बात याद की और विचारों को व्यक्त करने की उनकी असाधारण क्षमता की तारीफ की।
राउत ने सवाल किया कि महाराष्ट्र पर ऐसा क्या संकट आ गया है कि इतने सारे प्रमुख नेता अचानक चले गए। उन्होंने विलासराव देशमुख और गोपीनाथ मुंडे जैसे नेताओं का जिक्र किया और कहा कि अजीत पवार ने रिकॉर्ड पांच या छह बार डिप्टी सीएम के रूप में काम किया था। अगर दादा सीएमए बन जाते, तो राज्य को अपने सबसे महान नेताओं में से एक मिल जाता। राउत ने आगे कहा कि पूरा शिवसेना यूबीटी परिवार बहुत दुखी है और अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता है।


