योजना पर मिलता है सालाना 7.7 प्रतिशत ब्याज
मुंबई । नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) भारत सरकार द्वारा समर्थित एक ऐसा निवेश विकल्प है, जो जोखिम-मुक्त होने के साथ निवेशकों को निश्चित रिटर्न देता है। वर्तमान में इस योजना पर सालाना 7.7 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। ब्याज दर निवेश के समय तय होती है और पूरे निवेश अवधि के लिए स्थिर रहती है। ब्याज की गणना सालाना होती है, लेकिन भुगतान मैच्योरिटी पर एक साथ किया जाता है। एनएससी में निवेश करने का एक और प्रमुख फायदा यह है कि यह धारा 80सी के तहत टैक्स बचत का अवसर देता है। हर साल का ब्याज (अंतिम वर्ष को छोड़कर) भी टैक्स छूट के अंतर्गत आता है, जिससे निवेशक अपनी टैक्स प्लानिंग को बेहतर बना सकते हैं। इस योजना में हर साल मिलने वाला ब्याज फिर से निवेश माना जाता है, जिससे कंपाउंडिंग के आधार पर कुल रिटर्न बढ़ता है। एनएससी में सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। हालांकि एनआरआई इसमें निवेश नहीं कर सकते। यदि कोई निवेशक निवेश के बाद एनआरआई बन जाता है, तो वह मैच्योरिटी तक सर्टिफिकेट अपने पास रख सकता है। वयस्क अपने नाम पर, अभिभावक नाबालिग या मानसिक रूप से असमर्थ व्यक्ति के नाम पर, और 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग स्वयं भी निवेश कर सकते हैं। यदि कोई निवेशक 2,50,000 एकमुश्त निवेश करता है, तो 5 साल में कुल रिटर्न लगभग 1,16,062 रुपए होगा। इस प्रकार मैच्योरिटी पर कुल राशि लगभग 3,66,062 रुपए हो जाती है।


