इंदौर। इंदौर में विजयादशमी के मौके पर शूर्पणखा के पुतला दहन पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने 25 सितंबर को याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रोक लगाने के आदेश दिए। आदेश की कॉपी शनिवार को सामने आई।
संगीता ने कोर्ट को बताया कि विजयादशमी पर उनकी बेटी सोनम रघुवंशी का पुतला जलाने की तैयारी की जा रही है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना लोकतांत्रिक रूप से पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा। कोर्ट ने कहा कि भले ही किसी पर आपराधिक केस हो, लेकिन उसका पुतला जलाना, उसकी छवि को सार्वजनिक रूप से नुकसान पहुंचाना, संविधान और कानून के खिलाफ है।
दरअसल, पौरुष नाम की संस्था ने शूर्पणखा के स्वरूप में सोनम सहित ऐसी महिलाओं के पुतले जलाने की तैयारी की थी जो पति, बच्चे और परिवार की हत्या या हत्या की साजिश की आरोपी हैं।
संस्था ने 11 चेहरों वाला पुतला तैयार कर वाया था। इसमें एक चेहरा सोनम रघुवंशी का भी है। इस पर सोनम के परिवार, खासतौर पर उसके भाई गोविंद और रघुवंशी समाज ने भी आपत्ति जाहिर की थी।
सोनम के भाई गोविंद ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा से शिकायत करते हुए आयोजन रोकने की मांग की थी। वहीं, संस्था का कहना था कि यह किसी महिला का अपमान नहीं है। दूसरी तरफ रघुवंशी समाज ने सार्वजनिक मंचों पर बुराई को दर्शाने के लिए रघुवंशी नाम के प्रयोग पर एतराज किया।
सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी का कहना है कि सोनम पर मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। अभी सोनम को दोषी नहीं ठहराया गया है। इसके बाद उसका चेहरा सार्वजनिक रूप से पुतले में लगाना गलत है। यह मानसिक उत्पीड़न जैसा है। गोविंद ने कहा कि यह आयोजन कानून के खिलाफ है। इससे सोनम की छवि को बिना वजह खराब किया जा रहा है।


