एक्सपेंग ने कहा- हादसा एयरक्राफ्ट्स के बहुत ज्यादा करीब उड़ने से हुआ
नई दिल्ली । आज फ्लाइंग कार्स को फ्यूचर मोबिलिटी बताया जा रहा है…वहीं टेक्नोलॉजी अभी भरोसे की परीक्षा में फेल होती दिख रही है। हाल में हुए एक हादसे ने इनकी सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चीन के चंगचुन शहर में एयर शो की प्रैक्टिस के दौरान इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग आसमान में आपस में टकरा गए। एक तो किसी तरह लैंड हो गया, लेकिन दूसरा जमीन पर गिरा और आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपेंग के दो फोल्डेबल ईविटोल फ्लाइंग कार्स मंगलवार को एक फॉर्मेशन रिहर्सल फ्लाइट के दौरान पास-पास उड़ रहे थे। इसी दौरान दोनों आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद एक मशीन ने कंट्रोल खो बैठा और घूमते हुए नीचे गिरकर आग की लपटों में घिर गया, जबकि दूसरी मशीन को पायलट ने ऑटो कंट्रोल की मदद से सुरक्षित लैंड कराया। यह घटना न सिर्फ एक्सपेंग बल्कि पूरी दुनिया के ईविटोल सेक्टर के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह संभवतः यह दुनिया की पहली फ्लाइंग कार टु-फ्लाइंग कार मिड-एयर क्रैश है। इससे पहले इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि दुनिया भर में कई कंपनियां हवा में उड़ने वाली कार बना रही हैं और उनका सफल परीक्षण भी किया जा रहा है। यहां तक की एयर टैक्सी पर भी काम चल रहा है।
एक्सपेंग ने बयान जारी कर कहा कि यह हादसा रिहर्सल सीक्वेंस के दौरान एयरक्राफ्ट्स के बहुत ज्यादा करीब उड़ने की वजह से हुआ। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि हादसे के वक्त एयरक्राफ्ट ऑटोनॉमस मोड में थे या मैनुअली कंट्रोल किया जा रहा था। यह ईविटोल मॉडल एक्सपेंग एरो एचटी के महत्वाकांक्षी ‘लैंड एयरक्रॉफ्ट कैरियर’ प्रोग्राम का हिस्सा है। दरअसल, यह एक 6 पहियों वाला ग्राउंड व्हीकल है, जिसके पीछे एयरक्राफ्ट कैरियर बे मौजूद है। जरूरत पड़ने पर यह ईविटोल फोल्डिंग आर्म्स खोलकर उड़ान भर सकता है और छोटी दूरी की हवाई यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
ईविटोल यानी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग व्हीकल्स को भविष्य की अर्बन एयर मोबिलिटी का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। एक्सपेंग इस रेस में सबसे आगे चल रही कंपनियों में से एक है। ऐसे में पहली बार हुई यह दुर्घटना कंपनी की टेक्निकल सेफ्टी और ट्रायल प्रोसेस पर सवाल खड़े कर रही है। ईविटोल जैसे उभरती टेक्नोलॉजी में सेफ्टी-प्रोटोकॉल, फॉर्मेशन-फ्लाइट प्रैक्टिस, डिस्टेंस मैनेजमेंट आदि बहुत अहम हैं। यह घटना बताती है कि मात्र डिजाइन और परफॉर्मेंस ही काफी नहीं, ऑपरेशनल टेस्टिंग और एरर-मैनेजमेंट भी समान रूप से अहम हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एयर शो जैसे सार्वजनिक समारोहों भारी भीड़ के बीच में इस तरह की दुर्घटनाएं टेक्नोलॉजी पर भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। आग लगने या किसी व्यक्ति के घायल होने से जनता में डर बढ़ सकता है कि क्या ये उड़ने वाली कारें वास्तव में सुरक्षित फ्यूचर मोबिलिटी उपलब्ध कराएंगी। इस तरह की घटनाएं सरकारों और नियामक संस्थाओं को प्रेरित करेंगी कि वे ईविटोल पर सख्त मानकों, टेस्टिंग प्रोटोकॉल, हवा में उड़ान की अनुमति और सार्वजनिक जगहों पर इन कारों के प्रदर्शन में सुधार करें। सेफ्टी के लिहाज से यह एक चेतावनी है कि, विकास सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित न हो, बल्कि ऑपरेशन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
बता दें एक्सपेंगे ऐरो एचटी चीन की एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी हवा में उड़ने वाली कारों पर लंबे समय से काम कर रही है। एयर शो जैसे बड़े मंच पर इस तरह के हादसे का होना, भरोसे पर सीधा वार है। डिजाइन, परफॉर्मेंस, बैटरी सब एक तरफ, लेकिन उड़ान के दौरान दो फ्लाइंग कार्स के बीच दूरी बनाए रखना और सुरक्षा प्रोटोकॉल मेंटेन करना सबसे जरूरी है। इस हादसे में प्रथम दृष्टया यही गड़बड़ी नजर आ रही है।


