नई दिल्ली । नौ महीने तक गिरने के बाद अगस्त में रिटेल महंगाई दर जुलाई के 1.61 प्रतिशत से थोड़ा बढ$कर 2.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसकी वजह खाने-पीने की कुछ वस्तुओं की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी है। रिटेल महंगाई के आधिकारिक आंकड़े सरकार ने शुक्रवार को जारी किए हैं। रिजर्व बैंक का लक्ष्य महंगाई को 4 प्रतिशत की सीमा में रखने का है। महंगाई के बास्केट में लगभग 50 प्रतिशत योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है। इसकी महीने-दर-महीने की महंगाई माइनस 1.76 प्रतिशत से बढ$कर माइनस 0.69 हो गई है। अगस्त महीने में ग्रामीण महंगाई दर 1.18 प्रतिशत से बढ$कर 1.69 प्रतिशत हो गई है। वहीं शहरी महंगाई 2.10 प्रतिशत से बढ$कर 2.47 प्रतिशत पर पहुंच गई है। नवंबर 2024 के बाद महंगाई दर में जारी थी गिरावट उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में नौ महीनों तक लगातार गिरावट के बाद मुद्रास्फीति में यह वृद्धि देखी गई है। नवंबर 2024 से इसमें गिरावट जारी थी। अगस्त 2024 में मुद्रास्फीति 3.65 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में वार्षिक खाद्य मुद्रास्फीति (-) 0.69 प्रतिशत थी। एनएसओ ने कहा कि अगस्त 2025 के महीने के दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य रूप से सब्जियों, मांस और मछली, तेल और वसा, व्यक्तिगत देखभाल और अंडे की मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारण है। ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति बढ$कर 1.69 हुई ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति अगस्त में बढ$कर 1.69 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 1.18 प्रतिशत थी। देश के शहरी इलाकों में यह क्रमिक आधार पर 2.1 प्रतिशत की तुलना में 2.47 प्रतिशत रही। राज्यों में सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल में 9.04 प्रतिशत तथा सबसे कम असम में (-0.66 प्रतिशत) रही। रिजर्व बैंक अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है।
बारिश और बाढ़ के कारण कीमतों पर पड़ा असर उन्होंने कहा कि कोर मुद्रास्फीति अगस्त 2025 में मामूली रूप से बढ$कर 4.3 प्रतिशत हो गई। यह पिछले महीने 4.2 प्रतिशत थी। नायर ने कहा कि आगे की ओर देखें तो खरीफ की बुवाई में अच्छे रुझान के बावजूद, अगस्त 2025 के अंत और सितंबर 2025 की शुरुआत में देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से खरीफ फसल की पैदावार और इसके परिणामस्वरूप उत्पादन और कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। सीपीआई आंकड़ों से पता चला कि अगस्त में आवास मुद्रास्फीति 3.17 प्रतिशत के मुकाबले 3.09 प्रतिशत रही। एनएसओ सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए चयनित 1,181 गांवों और 1,114 शहरी बाजारों से मूल्य डेटा एकत्र करता है।


