ग्रामीण और शहरी दर्शकों को दिखेगा अलग-अलग विज्ञापन, ब्रांडों को मिलेगा फायदा
नई दिल्ली । गूगल ने भारत में पहली बार यूट्यूब पर शहरी और ग्रामीण दर्शकों को अलग-अलग टारगेट करने की सुविधा देने का फैसला किया है। यह फीचर विशेष रूप से भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। गूगल इंडिया की एक ब्रांड सॉल्यूशंस प्रमुख ने बताया कि यह सुविधा फिलहाल पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई है, लेकिन इसके माध्यम से विज्ञापनदाता अब दोनों क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति अपना सकेंगे। उनके अनुसार यह ऐसा फीचर है जो न तो टेलीविजन और न ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। भारत जैसे विविधता से भरे देश में सांस्कृतिक प्राथमिकताएं, उपभोक्ता व्यवहार और खरीद क्षमता क्षेत्र के हिसाब से भिन्न होती है, जिसे यह फीचर ध्यान में रखता है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब जून 2025 तक यूट्यूब शॉर्ट्स के 65 करोड़ दर्शक भारत में हो चुके हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि यूट्यूब सीटीवी (कनेक्टेड टीवी) पर 50 फीसदी से अधिक दर्शक 21 मिनट या उससे अधिक लंबे कंटेंट देखते हैं। गूगल जल्द ही यूट्यूब पर क्रिएटर पार्टनरशिप हब भी पेश कर सकता है, जिससे ब्रांड स्थानीय क्रिएटर्स से जुड़कर असली और प्रभावशाली विज्ञापन बना सकेंगे। मिंत्रा को इसी तरह की साझेदारी से अपने बिग फैशन फेस्टिवल में 20 फीसदी ऑर्डर मिले। इसके अलावा, यूट्यूब 2026 में एक नया एआई-आधारित फीचर पीक पाइंट लॉन्च करेगा, जो यह बताएगा कि किसी वीडियो के कौन-से हिस्से में दर्शक सबसे ज्यादा जुड़े रहते हैं। इससे विज्ञापन प्लेसमेंट बेहतर हो सकेगा।


