कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और पारेषण पर दे रही जोर
नई दिल्ली । अदाणी समूह उद्योगपति गौतम अदाणी के नेतृत्व में, अगले दशक में भारत के बिजली क्षेत्र में लगभग 60 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा निवेश करने जा रहा है। यह निवेश विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, उत्पादन तथा पारेषण और वितरण के क्षेत्रों में होगा। समूह की योजना है कि वित्त वर्ष 2029-30 तक नवीकरणीय ऊर्जा में 21 अरब डॉलर का निवेश कर इसकी क्षमता को वर्तमान 14.2 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट तक पहुंचाया जाए। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ग्रिड से जुड़ी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विकास, निर्माण, संचालन और रखरखाव में प्रमुख भूमिका निभाएगी। भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व में चौथे स्थान पर है और 2031-32 तक इसकी कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 571 गीगावाट तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें 300 अरब डॉलर से अधिक निवेश के अवसर हैं।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) पारेषण और वितरण नेटवर्क के विस्तार में 17 अरब डॉलर निवेश करेगा। कंपनी 2029-30 तक 30,000 किलोमीटर लंबी पारेषण लाइन स्थापित करने की योजना बना रही है, जो वर्तमान में 19,200 किलोमीटर है। एईएसएल र्ट मीटरिंग और शीतलन समाधान जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है। दाणी पावर वित्त वर्ष 2031-32 तक अपनी तापीय बिजली उत्पादन क्षमता को 17.6 गीगावाट से बढ़ाकर 41.9 गीगावाट तक पहुंचाएगा। अदाणी पावर भारत की सबसे बड़ी निजी ताप बिजली उत्पादक कंपनी है, जो कई राज्यों में सक्रिय है। भारत में तापीय बिजली क्षमता 2031-32 तक 309 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें कोयला आधारित 80 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता की आवश्यकता होगी।


