मुंबई । केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जीएसटी सुधार देश की मिडिल क्लास के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। यह बात एक इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक ने कही है। उनका मानना है कि इन सुधारों से न केवल उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा, बल्कि निवेश और शेयर बाजार को भी नया उत्साह मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग पर आधारित है, और जीएसटी में छूट से यह मांग और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पहले ही आयकर में राहत मिली है और अब अप्रत्यक्ष करों में छूट से उनकी बचत बढ़ेगी, जिससे हाउसिंग, एफएमसीजी, ड्यूरेबल्स और टू-व्हीलर सेक्टर को फायदा होगा। उन्होंने कुछ खास सेक्टरों की ओर ध्यान दिलाया, जैसे पब्लिक सेक्टर बैंक (एसबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र), रियल एस्टेट, पारंपरिक टू-व्हीलर कंपनियां और महिंद्रा एंड महिंद्रा। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों में संभावित कटौती और अच्छा मानसून भी बाजार को सहारा देंगे। निवेशकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में बने रहें और घबराकर नकदी न निकालें। उनका सुझाव है कि पूंजी का 40-50 फीसदी हिस्सा निफ्टी या सेंसेक्स बास्केट में लगाया जाए, क्योंकि ये डिफेंसिव स्टॉक्स माने जाते हैं और स्थिरता प्रदान करते हैं। अगर अमेरिका की नीतियों से आईटी सेक्टर पर असर नहीं पड़ा, तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कॉरपोरेट कमाई तेज हो सकती है। यह आर्थिक सुधार भारत के लिए लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होंगे।
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