नई दिल्ली । एसयूवी गाड़ियां का चलन दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी की पुरानी गाड़ी वैगनआर ने फिर लोगों को चौंका दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में वैगनआर देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी है। उसने टाटा की पंच को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। पिछले वित्त वर्ष में देश में वैगनआर की बिक्री 1.98 लाख यूनिट रही जबकि टाटा की पंच 1.96 लाख यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर रही। हुंडई की क्रेटा 1.94 लाख यूनिट के साथ तीसरे नंबर पर रही।
वैगनआर की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टॉप 5 में ये अकेली छोटी गाड़ी है। बाकी सब एसयूवी या यूपी हैं। मारुति की अर्टिगा 1.90 लाख यूनिट के साथ चौथे और ब्रेजा 1.89 लाख यूनिट के साथ पांचवें नंबर पर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि हैचबैक गाड़ियां अब नहीं चलेंगी, लेकिन वैगनआर की बिक्री ने दिखा दिया कि अभी भी इस कैटगरी में दम है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और यहां हर तरह के ग्राहक हैं। कुछ लोग हैचबैक गाड़ियों को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि मारुति हर तरह की गाड़ियां बनाने और बेचने पर ध्यान दे रही है। इसमें एसयूवी भी शामिल हैं, जो कंपनी के लिए एक अहम क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि मारुति हर कैटगरी में गाड़ियां बेचती है। हम एसयूवी या किसी और कैटगरी को कम नहीं आंकते। हम ग्राहकों को विकल्प देकर उनकी पसंद को सीमित नहीं करना चाहते। बाजार में एसयूवी गाड़ियों की बहुत मांग है। पिछले कुछ साल में एसयूवी की बिक्री दोगुनी हो गई है। अब ये सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां हैं। इस साल में एसयूवी की बिक्री 54 फीसदी रहने का अनुमान है। इस दौरान कुल मिलाकर 43 लाख गाड़ियां बिकीं। मारुति की एक और हैचबैक गाड़ी स्विफ्ट 1.79 लाख यूनिट के साथ छठे नंबर पर रही। बलेनो की बिक्री 1.67 लाख यूनिट रही।
मार्च में मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर की थोक बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट आई है। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स की होलसेल बिक्री एसयूवी मॉडलों की मांग बढ़ गई। मारुति ने पिछले माह घरेलू बाजार में डीलरों को 1,50,743 यात्री वाहन भेजे, जबकि एक साल पहले इसी माह में 1,52,718 वाहनों की बिक्री घरेलू बाजार में हुई थी। यह सालाना आधार पर 1 फीसदी की गिरावट है। हुंडई की मार्च में उसकी घरेलू बिक्री 51,820 यूनिट रही, जो पिछले साल मार्च में 53,001 यूनिट रही थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा की घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 18 फीसदी से बढ़कर 48,048 यूनिट हो गई जबकि मार्च 2024 में यह 40,631 यूनिट रही थी। इस तरह टाटा मोटर्स की मार्च में कुल यात्री वाहन बिक्री 3 फीसदी से बढ़कर 51,872 यूनिट हो गई, जो मार्च, 2024 में 50,297 यूनिट थी। किआ इंडिया की थोक बिक्री मार्च में 19 फीसदी से बढ़कर 25,525 यूनिट हो गई। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कहा कि उसने पिछले महीने 11 फीसदी की वृद्धि के साथ 30,043 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल इस माह 27,180 यूनिट थी। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की थोक बिक्री इस साल मार्च में नौ फीसदी बढ़कर 5,500 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इस महीने में उसने 5,050 गाड़ियां बेची थीं। होंडा कार्स इंडिया ने कहा कि मार्च में उसकी घरेलू बिक्री सालाना आधार पर दो फीसदी बढ़कर 7,228 यूनिट हो गई, जो पिछले साल मार्च में 7,071 यूनिट थी।


