नई दिल्ली । केंद्र सरकार बजट में टैक्सपेयर्स को राहत की घोषणा कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक डिमांड को सपोर्ट देने और ग्रोथ को बढ़ाने के लिए बजट में कई उपायों की घोषणा हो सकती है। इसकी वजह है कि सरकार धीमी होती इकॉनमी को सपोर्ट करना चाहती है। बजट में जिन उपायों पर विचार किया जा रहा है, उनमें मध्यम वर्ग के लिए कर राहत, प्रतिकूल बाहरी वातावरण से उद्योग को बचाने के लिए टैरिफ उपाय और रोजगार सृजन और निजी निवेश को बढ़ावा देने की पहल भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह पीएमओ में हुई बैठक में बजट की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा हुई थी। आगे ऐसी और बैठकें की जाएंगी। वित्त वर्ष 2026 का बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनावी जीत से उत्साहित मोदी सरकार बजट में एक मजबूत संदेश देना चाहती है। यह संदेश है सुधारों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आम लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए लगातार काम करना।
वित्त वर्ष 2025 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान है। इससे साफ है कि सरकार को मांग और निवेश को बढ़ावा देने के उपाय करने की जरूरत है, जिन टैक्स उपायों पर चर्चा की गई, उनमें न्यू टैक्स रिजीम के तहत इंडिविजुएल के लिए राहत, कॉर्पोरेट कर को सरल बनाना और स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की आसान व्यवस्था शामिल है।
सूत्रों ने कहा कि शहरी खपत में गिरावट से नई कर व्यवस्था के तहत स्लैब को और व्यापक बनाने के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी के अंदर भी आवाज उठ रही है। इस बारे में अंतिम फैसला कुछ दिनों में लिया जा सकता है। मौजूदा व्यवस्था में इंडिविजुअल के लिए 15 लाख रुपए की सालाना इनकम पर टैक्स की दर सबसे ज्यादा 30 फीसदी है। टैक्स रेट में कटौती से अर्बन डिमांड को फिर से पटरी पर लाने में मदद मिल सकती है। जुलाई में पेश किए गए बजट में घोषित तीन रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए कुछ और उपायों की घोषणा की जा सकती है।
बजट में पूंजीगत व्यय में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए ज्यादा जोर दिए जाने की उम्मीद है। साथ ही घरेलू इंडस्ट्री को खासकर चीन से होने वाले सस्ते आयात से बचाने के लिए बेसिक कस्टम ड्यूटी में भी बदलाव किया जा सकता है। अमेरिका में राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है। इससे भारत में चीन के सस्ते सामान की डंपिंग का खतरा बढ़ गया है।


