नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के जवाब में स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान में ही खेला जाएगा। पीसीबी ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि देश में चल रहे स्टेडियमों के नवीनीकरण में देरी के चलते 19 फरवरी से शुरू होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान से बाहर आयोजित हो सकती है। पीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्टेडियमों के नवीनीकरण पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और आईसीसी की निरीक्षण टीम की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां सही दिशा में चल रही हैं। उन्होंने कहा, “मीडिया द्वारा तथ्यों की जांच किए बिना अफवाहें फैलाई जा रही थीं, इसलिए हमने स्थिति स्पष्ट करने के लिए बयान जारी किया।”चैंपियंस ट्रॉफी के मैच तीन प्रमुख स्टेडियमों में आयोजित किए जाएंगे—लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम, रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम और कराची का नेशनल बैंक स्टेडियम। टूर्नामेंट का पहला मैच 19 फरवरी को कराची में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा।
भारत और पाकिस्तान के राजनीतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए, भारत के सभी मैच दुबई में आयोजित किए जाएंगे। भारत का पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ होगा। लाहौर को दूसरे सेमीफाइनल की मेजबानी दी गई है, जबकि फाइनल कराची में खेला जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने इस टूर्नामेंट के लिए खुले दिल से खर्च किया है, ताकि आयोजन सफल हो सके और दुनिया को यह संदेश दिया जा सके कि पाकिस्तान बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर पीसीबी और सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। यह पहली बार है कि पाकिस्तान आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है।


