सदर अस्पताल देवघर एवं एम्स देवघर में कुल मिलाकर 269 जांच किया जा चुका है
रामा कान्त मालवीय
देवघर :-एम्स देवघर में कुल 30 सेंपल डेंगू चिकनगुनिया एलिसा जांच हेतु भेजा गया था। जिसका परिणाम बुधवार को उपलब्ध कराया गया। जिसमें देवघर जिला के 16 डेंगू पॉजिटिव एवं 10 चिकनगुनिया पॉजिटिव तथा उसी में से 06 सहसंक्रमित पॉजिटिव पाए गए। वहीं जामताड़ा जिला के 01 डेंगू-चिकनगुनिया सहसंक्रमित पॉजिटिव पाए गए। जिसकी सूचना जामताड़ा को दे दिया गया है।अब तक सदर अस्पताल देवघर एवं एम्स देवघर में कुल मिलाकर 269 जांच किया जा चुका है। जिसमें से 56 डेंगू तथा 22 चिकनगुनिया पाए गए हैं। उसी में से 15 सहसंक्रमित (डेंगू-चिकनगुनिया पॉजिटिव) भी पाए गए हैं।उपरोक्त में से देवघर जिला के 51 डेंगू एवं 19 चिकनगुनिया तथा 13 सहसंक्रमित (डेंगू-चिकनगुनिया धनात्मक) भी पाए गए हैं। अन्य राज्य एवं जिला के 05 डेंगू तथा 03 चिकनगुनिया एवं 02 सहसंक्रमित (डेंगू-चिकनगुनिया धनात्मक) पाए गए। है। जिसकी सूचना संबंधित जिला एवं राज्य को दे दिया गया है।देवघर जिलांतर्गत के पाए गए अथवा चिन्हित किए गए सभी डेंगू चिकनीयूनिया के संभावित एवं धनात्मक रोगियों के घर तथा आसपास में स्वास्थ्य विभाग,जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र, देवघर द्वारा डेंगू चिकनगुनिया रोधी निरोधात्मक कार्रवाई के तहत जन जागरूकता के साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उसे नष्ट करना और लोगों को सप्ताह में एक दिन ऐसा स्वयं करने के लिए प्रेरित करने के साथ लार्वानाशी दवा का छिड़काव,फॉगिंग और कंटेनर सर्वे आदि का कार्य घर -घर जाकर किया जा रहा है। इस दौरान दल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्र के घरों में जाकर कंटेनर्स सर्वे में मच्छरों के प्रजनन स्थल को चिन्हित कर लार्वा और प्यूपा की पहचान कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। साथ ही लोगों को अपने घर तथा आसपास में कहीं भी जल जमाव नहीं करने तथा पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है तथा जमें हुए बेकार पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालने के लिए भी बताया जा रहा है। इसके लिए देवघर जिला शहरी क्षेत्र में कुल छ: कम्युनिटी वालंटियर्स एवं पांच फाइलेरिया यूनिट के कर्मियों को लगाया गया है। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत एमपीडब्ल्यू एवं सहिया को डेंगू चिकनगुनिया रोधी निरोधात्मक सह जन- जागरूकता कार्य आदि में लगाया गया। जिसके निगरानी प्रखंड स्तर पर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण टेक्निकल सुपरवाइजर एवं निगरानी निरीक्षक के साथ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा किया जा रहा तथा जिला स्तर पर अमित कुमार कीट संग्रहकर्ता, डॉ गणेश कुमार यादव जिला भीबीडी सलाहकार, डॉ अभय कुमार यादव जिला भीबीडी पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन डॉ रंजन सिंह के द्वारा स्वयं किया जा रहा है।


