विशेष संवाददाता
दुमका। जिले में अवैध खनन,भंडारण एवं खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जामा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलन्दा मौजा में अवैध रूप से बालू भंडारण किए जाने का मामला पकड़ में आने के बाद जिला खनन पदाधिकारी की ओर से माइंस इंस्पेक्टर ने जामा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया है। 13 मई को दोपहर करीब 12.15 बजे खान निरीक्षक मंजीत कुमार दुबे और खान निरीक्षक गौरव कुमार सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सिलन्दा मौजा में लगभग 2000 सीएफटी बालू का अवैध भंडारण पाया गया। निरीक्षण के दौरान स्थल का लोकेशन भी दर्ज किया गया। जांच में यह सामने आया कि संबंधित स्थल पर किसी कंपनी अथवा वैध संवेदक का नाम अंकित नहीं था और कोई अधिकृत पट्टा भी उपलब्ध नहीं कराया गया।खनन विभाग के अनुसार बिना वैध अनुमति के बालू का भंडारण Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957 की धारा 4(1A) का उल्लंघन है, जो धारा 21(1) के तहत दंडनीय अपराध है।मामले में खान निरीक्षक मंजीत कुमार दुबे ने जामा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की अनुशंसा की है। पत्र के साथ जब्ती सूची एवं जप्तीनामा भी संलग्न किया गया है।
बता दें कि राज्य में कुल 444 चिन्हित बालू घाट हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 35 घाट ही क्रियान्वित हैं।दुमका में केटेगरी 2 के 32 बालू घाटों में एक भी चालू नहीं हो सका है जबकि बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है।हाल में बालू घाटों को लेकर राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव ने बालूघाटों के लिए ग्रामसभा की सहमति, सीटीओ (कंसेट टू ऑपरेट) और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करने का आदेश दिया है।इसी बैठक में राज्य के सभी उपायुक्तों और डीएमओ को अवैध बालू के कारोबार पर पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया था।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


