सभी सरकारी विभाग को भी अपनाएंगे खर्च में कटौती करने को कहा
नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित है, इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। पीएम मोदी ने हाल में अपने संबोधन में ईंधन बचाने और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। अब पीएम मोदी ने अपने काफिले का आकार कम कर दिया है, जिसका उद्देश्य सरकार में अन्य अधिकारियों और मंत्रियों को प्रेरित करना है।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) को अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मोदी ने एसपीजी को कहा है कि जहां तक हो सके, बिना नई गाड़ियां खरीदे, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल किया जाए। पीएम मोदी के निर्देशों को एसपीजी ने पालन करना भी शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक हैदराबाद में अपने भाषण के बाद गुजरात और असम में पीएम मोदी के काफिले में गाड़ियों की संख्या को कम कर दिया गया। हालांकि यह तय किया जा रहा है कि ब्लू बुक में निर्धारित अनिवार्य सुरक्षा दिशानिर्देशों से कोई समझौता न हो।
जानकारी के मुताबिक ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रालय और विभाग आने वाले दिनों में खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें कर्मचारियों को मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करने, कार पूलिंग को अपनाने और बड़े आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।
ईंधन की खपत कम करने के उपायों की पहचान करने के लिए सभी विभागों में चर्चा चल रही है। हम कार्मिक विभाग से इस बारे में विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं कि हमें क्या करना चाहिए, लेकिन हरेक विभाग को अपनी जरुरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएं बनानी होंगी।
हैदराबाद में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया आर्थिक उथल-पुथल, सप्लाई चेन में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जूझ रही है, जिसका असर बढ़ती महंगाई के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में भारत को मजबूत बनाए रखने के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। मोदी ने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया, ताकि विदेशी मुद्रा के अनावश्यक खर्च को रोका जा सके। पीएम ने पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तेल की बचत से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी में अपनाए गए कार्यकुशल उपायों को दोबारा लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वर्क-फ्रॉम-होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल बैठकों जैसी व्यवस्थाएं न केवल समय और संसाधनों की बचत करती हैं, बल्कि ईंधन की खपत भी कम करती हैं। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेशों में छुट्टियां मनाने और विदेश में आयोजित होने वाले समारोहों से बचने की अपील की।


