रांची । झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य में सक्रिय नक्सली संगठनों का नेटवर्क तेजी से कमजोर पड़ रहा है और कई संगठन बिखराव की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कोल्हान और सारंडा के जंगल-पहाड़ी इलाकों में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों और लातेहार जिले में सक्रिय दस्ते के कुल 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सभी नक्सलियों ने रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी के समक्ष हथियार डाले हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में 11 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। इनमें एक रीजनल कमांडर, तीन जोनल कमांडर, तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं। इन नक्सलियों ने कुल 11 हथियार और 1562 राउंड गोलियां पुलिस के हवाले की। पुलिस के मुताबिक, सभी भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की टीम से जुड़े शीर्ष कमांडर व मारक दस्ते के सदस्य थे, जिन्हें कोल्हान-सारंडा के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। आत्मसमर्पित नक्सलियों में सबसे बड़ा नाम संतोष उर्फ बासुदेव दा है, जो गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है. रीजनल कमांडर स्तर के इस नक्सली पर 128 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था।


