रांची । धनबाद में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक की सबसे सख्त और बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी की 25 अलग-अलग टीमों ने मंगलवार तड़के 5 बजे से कोयला माफिया एलबी सिंह और उनके सहयोगियों से जुड़े 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अब तक की जांच में ईडी को आरोपितों के ठिकानों से नकदी, बैंक बैलेंस और म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, मौके से 100 से अधिक प्रॉपर्टी के दस्तावेज, सेल डीड और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। ईडी के अधिकारी फिलहाल जब्त किए गए सभी कागजातों और निवेश संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं।
इडी की यह कार्रवाई कोयला कारोबार से जुड़े प्रमुख सिंडिकेट पर हुई है। मुख्य आरोपित एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव के ठिकानों पर छापेमारी की गई।
उल्लेखनीय है कि धनबाद में अवैध कोयला खनन और तस्करी के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ईडी ने चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इंफर्मेशन रिपोर्ट ( ईसीआइआर ) दर्ज की हैं।
जांच एजेंसी को पुख्ता जानकारी मिली थी कि एलबी सिंह और उनके सहयोगियों ने अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के जरिए काले धन का विशाल साम्राज्य खड़ा किया है। गत 21 नवंबर 2025 को भी ईडी ने एलबी सिंह और उनके सहयोगियों के धनबाद व दुमका स्थित लगभग 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान ईडी को 2.20 करोड़ रुपये नकद और 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज मिले थे। उसी जांच और मिले साक्ष्यों के सत्यापन के आधार पर ईडी ने इस बार यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।
सुबह – सबेरे की इस कार्रवाई के बाद धनबाद में हड़कंप मच गया है। कोयला तथा इससे जुड़े दूसरे कारोबारियों में भय का माहौल बन गया है। ईडी की दबिश की जद में आने वाले कारोबारी कोयला जगत की बड़ी हस्ती माने जाते है। कई कारोबारी तो राजनीति से भी गहरे रूप से जुड़े बताये जाते है। छापे की जद में आने वालों में कोयला जगत की बड़ी हस्ती अनिल गोयल, रणजीत सिंह, माधव सिंह, गणेश यादव, हरेन्द्र चौहान, शेखर यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, रोहित यादव, राजेश साव, मोहम्मद साबिर आलम, ओम प्रकाश सिंह, विकास पासवान , इंतियाज आलम, पप्पू दुबे सहित अन्य कई कोयला कारोबारी शामिल हैं।
अब तक की जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह ईडी की 25 टीमों ने जिले के 22 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई कई कथित कोयला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के परिसरों पर की गई है। ईडी की टीम दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अवैध संपत्ति से जुड़े साक्ष्यों की जांच की। कुछ कारोबारियों के यहां बड़ी मात्रा में नकद राशि भी बरामद होने की चर्चा है। ऐसे कारोबारियों के यहां आयकर की टीम को भी छापेमारी शामिल किया गया। बड़ी मात्रा में नकद मिलने के बाद ईडी ने स्थानीय आयकर विभाग से सहयोग लिया। धनबाद आयकर विभाग के 15 अधिकारियों के इसमें शामिल किए जाने की चर्चा है। छापेमारी की कार्रवाई कही दस तो कही चौदह घंटे चली। रांची से आई ईडी की टीम में बड़ी संख्या में महिला अधिकारी भी शामिल थीं छापेमारी वाले सभी स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। छापेमारी वाली टीमों के साथ सीआरपीएफ के जवान व अधिकारी भी थे।
बताया जा रहा है कि मामला अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ा है। ईडी ने इस पूरे मामले में चार अलग-अलग ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की गई है। इसी को लेकर बैंक लेनदेन, जमीन के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। चर्चा के अनुसार नकद राशि के साथ – साथ जमीन के कागजाज, मनी लॉन्ड्री से जुड़े दस्तावेज,कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन के कागजात, बेनामी व फर्जी तरीके से जीएसटी रिटर्न के दस्तावेज, फर्जी चालान व बिल सहित अन्य कई दस्तावेज भी ईडी के हाथ लगें है। इससे पहले 21 नवंबर 2025 को भी ईडी ने धनबाद और दुमका में एलबी सिंह और उनके सहयोगियों के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में दो करोड़ 20 लाख रुपये नकद, 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज और कई अहम साक्ष्य बरामद हुए थे। समाचार लिखे जाने तक एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई
ईडी की जद में आये कई बड़े कारोबारी राजनीतिक दलों से भी जुड़े बताये जाते है। कुछ लोग दो केंद व कुछ लोग राज्य के सत्ताधारी दलों से जुड़े हैं। कुछ कारोबारी तो पार्टियों में बड़े रसूखदार बनने का दावा भी करते हैं। कार्रवाई की जद में आने वाले एक कारोबारी तो धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर के सगे भाई बताए जाते हैं। एक कारोबारी केंद्र सरकार के सत्ताधारी दल के करीबी रिश्तेदार हैं।
इन प्रमुख ठिकानों हुई है ईडी की कार्रवाई
– एसके शर्मा: कार्यालय, गांगुली कॉम्प्लेक्स
– अनिल गोयल: आवास (टिकियापाड़ा) एवं भट्ठा (कपुरिया जोरिया)
– सबीर आलम (अनिल गोयल के करीबी) संबंधित ठिकाना
– हरेंद्र चौहान (डिप्टी मेयर के भाई) आवास, लोयाबाद
– अमन कनोड़िया (हार्डकोक कारोबारी) कार्यालय, शांति भवन (बैंक मोड़)
– रंजीत सिंह और ओम प्रकाश सिंह आवास, शिमला बहाल और लोदना (झरिया)
– गणेश यादव, शेखर यादव, विजय पासवान झरिया और लोदना स्थित आवास
– पप्पू मंडल बैंक मोड़ स्थित ठिकाना
– रोहित यादव तेतुलिया स्थित घर
– माधव सिंह नालंदा कॉटेज स्थित आवास
– रितेश शर्मा राज आंगन स्थित परिसर
– सुभाष साव आवास, चौथाईकुली (झरिया)
– पप्पू दुबे, झरिया
गलत घर में घुसी टीम
धनबाद। छापेमारी के लिए रांची से आई ईडी की टीम गलत घर में घुस गई। हुआ यूं कि टीम नालंदा कॉटेज पहुंची। टीम को माधव सिंह के घर में कार्रवाई करनी थी। घर की सही पहचान नहीं होने के कारण टीम माधव सिंह के बगल वाले घर में प्रवेश कर गई। टीम के सदस्य सीढ़ी लगाकर घर में प्रवेश की तो घर के लाेगों ने विरोध शुरू किया। टीम को गलती का अहसास हुआ तो टीम वहां से निकल कर बगल वाले घर में गई। टीम को छापेमारी के क्रम में कुछ स्थानों पर महिलाओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा।


