रांची । झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने मामले में कार्रवाई हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से लगातार आठ घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ की। जांच की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है, ताकि वे जांच पूरी होने से पहले बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकें। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सीआईडी ने उनके कार्यकाल में हुई भर्ती प्रक्रियाओं, प्रशासनिक निर्णयों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए। सीआईडी अब उनके अध्यक्ष रहते हुए की गई विदेश यात्राओं की भी पड़ताल कर रही है।
जांच में यह जानकारी सामने आई है कि जेपीएससी अध्यक्ष रहते हुए एल ख्यांगते ने कई बार विदेश दौरे किए थे। अब सीआईडी इन यात्राओं के वित्तीय स्रोत, यात्रा का उद्देश्य, समय-सारणी और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन दौरों का भर्ती प्रक्रिया या अन्य निर्णयों से कोई संबंध तो नहीं था। सीआईडी ने इससे पहले एल. ख्यांगते को नोटिस जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। नोटिस के अनुपालन में वह निर्धारित समय पर सीआईडी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद जांच अधिकारियों ने उनसे भर्ती प्रक्रियाओं और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ शुरू की।
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी की विभिन्न नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है। जांच के दौरान एजेंसी कई अभ्यर्थियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है तथा दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। सीआईडी इस मामले में अब तक कथित नियुक्ति घोटाले के मुख्य आरोपित अभय तिवारी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


